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वैचारिक समानता वाले दलों के साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव: उक्रांद
Updated Sat, 20 Oct 2018 10:29 PM IST
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आदिबदरी। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उक्रांद धन बल और छल से चुनाव लड़ने वाले भाजपा और कांग्रेस को बेनकाब करेगी। स्थानीय निकाय चुनाव में उक्रांद वैचारिक समानता वाले दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगा।
शनिवार को देहरादून जाते वक्त काशी सिंह ऐरी ने यहां पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश के हितों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने पूरे प्रदेश के हितों को पूंजीपतियों, खनन और शराब माफियाओं के पास गिरवी रख दिया है। राज्य आंदोलन की भावना रही गैरसैंण को आज प्रदेश सरकार महज पर्यटक स्थल के तौर पर देख रही है। कहा कि भाजपा ने चुनावों के वक्त गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही, लेकिन पौने दो साल के कार्यकाल में अब तक ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा नहीं कर पाई। इस दौरान उक्रांद के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में पढ़े लिखे युवा बेरोजगार भटक रहे हैं। हालात यह है कि दो जून की रोटी के लिए युवा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, मुंबई, सहित अन्य शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश में आज तक न रोजगार नीति बनी और न पर्यटन, तीर्थाटन नीति। उद्योगों को स्थापित करने में सरकारें नाकाम रही हैं। त्रिपाठी ने कहा कि निकाय और लोक सभा चुनावों में जनता महंगाई, बेरोजगारी, सुरक्षा सहित कई अन्य मुद्दों पर भाजपा, कांग्रेस को सबक सिखाएगी।
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शनिवार को देहरादून जाते वक्त काशी सिंह ऐरी ने यहां पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश के हितों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस ने पूरे प्रदेश के हितों को पूंजीपतियों, खनन और शराब माफियाओं के पास गिरवी रख दिया है। राज्य आंदोलन की भावना रही गैरसैंण को आज प्रदेश सरकार महज पर्यटक स्थल के तौर पर देख रही है। कहा कि भाजपा ने चुनावों के वक्त गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही, लेकिन पौने दो साल के कार्यकाल में अब तक ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा नहीं कर पाई। इस दौरान उक्रांद के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में पढ़े लिखे युवा बेरोजगार भटक रहे हैं। हालात यह है कि दो जून की रोटी के लिए युवा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, मुंबई, सहित अन्य शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश में आज तक न रोजगार नीति बनी और न पर्यटन, तीर्थाटन नीति। उद्योगों को स्थापित करने में सरकारें नाकाम रही हैं। त्रिपाठी ने कहा कि निकाय और लोक सभा चुनावों में जनता महंगाई, बेरोजगारी, सुरक्षा सहित कई अन्य मुद्दों पर भाजपा, कांग्रेस को सबक सिखाएगी।
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