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गढ़वाल विवि में आयोजित कार्यशाला का समापन
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:00 PM IST
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श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि में यूज एंड डेवलपमेंट ऑफ ओपन एजूकेशनल रिसोर्सेज (मुक्त शिक्षा संसाधन का उपयोग एवं विकास) विषय पर आयोजित कार्यशाला संपन्न हो गई। मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एमएसएम रावत ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
बृहस्पतिवार को गढ़वाल विवि के एफडीसी (फैकल्टी डेवलेपमेंट सेंटर) में सात दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक को अपने विषय के शिक्षण एवं शोध से संबंधित कोर्स विकसित करने चाहिए। एफडीसी की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम इस संबंध में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मुक्त शिक्षा संसाधन में प्लेजियरिज्म (समझने के बजाय नकल करना) वर्जित होना चाहिए। मुक्त शिक्षा संसाधन परंपरागत शिक्षण में सार्थक योगदान तो दे सकता है, लेकिन परंपरागत शिक्षा की जगह नहीं ले सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने की। कार्यक्रम संयोजिका एफडीसी की निदेशक प्रो. इंदू पांडेय खंडूड़ी ने बताया कि कार्यक्रम में कॉमनवेल्थ एजूकेशनल मीडिया रिसर्च सेंटर फॉर एशिया नई दिल्ली, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन, एजूकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर, पंजाबी विवि पटियाला, एजूकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर, आईआईटी रुड़की एवं एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर आदि शिक्षण संस्थानों से आए विषय विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। संचालन फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के सहायक निदेशक डा. गोपाल कृष्ण जोशी ने किया।
बृहस्पतिवार को गढ़वाल विवि के एफडीसी (फैकल्टी डेवलेपमेंट सेंटर) में सात दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा में कार्यरत प्रत्येक शिक्षक को अपने विषय के शिक्षण एवं शोध से संबंधित कोर्स विकसित करने चाहिए। एफडीसी की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम इस संबंध में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मुक्त शिक्षा संसाधन में प्लेजियरिज्म (समझने के बजाय नकल करना) वर्जित होना चाहिए। मुक्त शिक्षा संसाधन परंपरागत शिक्षण में सार्थक योगदान तो दे सकता है, लेकिन परंपरागत शिक्षा की जगह नहीं ले सकता है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने की। कार्यक्रम संयोजिका एफडीसी की निदेशक प्रो. इंदू पांडेय खंडूड़ी ने बताया कि कार्यक्रम में कॉमनवेल्थ एजूकेशनल मीडिया रिसर्च सेंटर फॉर एशिया नई दिल्ली, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन, एजूकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर, पंजाबी विवि पटियाला, एजूकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर, आईआईटी रुड़की एवं एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि श्रीनगर आदि शिक्षण संस्थानों से आए विषय विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। संचालन फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के सहायक निदेशक डा. गोपाल कृष्ण जोशी ने किया।
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