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मेरी बामणी गीत की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
Updated Wed, 17 Oct 2018 09:32 PM IST
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पोखरी (चमोली)। नंदाकुंड में आयोजित पांच दिवसीय पर्यटन, कृषि विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या लोक गायक नवीन सेमवाल और गायिका हेमा नेगी करासी के नाम रही। करासी के गीतों पर दर्शक देर रात तक थिरकते रहे। इन दिनों हिट चल रहा मेरी बामणी, धन हो तुम्हारी जजमानी... गीत पर दर्शक झूम उठे।
मंगलवार रात आठ बजे से शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने किया। उन्होंने कहा कि प्रथम वर्ष मेले में बढ़ रहे दर्शकों के हुजूम को देखते हुए आगामी वर्ष मेला भव्य रूप लेगा। उन्होंने कहा कि पोखरी क्षेत्र में औद्योगिक, पर्यटक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले में गायिका हेमा करासी ने गिर गेंदुवा और बाला कृष्णा... से संध्या की शुरुआत की। इसके बाद करासी और गायक नवीन सेमववाल ने बगछट मन, चीत चौरी लीग्ये मजाक्यूं मां... नृसिंह जागर..., फूल-फूल्यां आरू..., मेला मां जाण, पोखरी सैंणा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। गायक दिवाकर गैरोला, कुलदीप कपरुवाण और प्रदीप बुटोला ने भी गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर मेला अध्यक्ष विजयपाल, गजेंद्र नेगी, सूबेदार मातवर नेगी, हुकम नेगी, जगदीश नेगी, पुष्कर बर्तवाल, मोहन बर्तवाल, शिशुपाल बर्तवाल, संतोष चौधरी, देवेंद्र, प्रकाश रावत, गजे सिंह, भगत भंडारी और बलवंत रावत आदि मौजूद थे। संचालन देवेंद्र बर्तवाल ने किया।
मंगलवार रात आठ बजे से शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने किया। उन्होंने कहा कि प्रथम वर्ष मेले में बढ़ रहे दर्शकों के हुजूम को देखते हुए आगामी वर्ष मेला भव्य रूप लेगा। उन्होंने कहा कि पोखरी क्षेत्र में औद्योगिक, पर्यटक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेला आयोजित किया जा रहा है। मेले में गायिका हेमा करासी ने गिर गेंदुवा और बाला कृष्णा... से संध्या की शुरुआत की। इसके बाद करासी और गायक नवीन सेमववाल ने बगछट मन, चीत चौरी लीग्ये मजाक्यूं मां... नृसिंह जागर..., फूल-फूल्यां आरू..., मेला मां जाण, पोखरी सैंणा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। गायक दिवाकर गैरोला, कुलदीप कपरुवाण और प्रदीप बुटोला ने भी गढ़वाली गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर मेला अध्यक्ष विजयपाल, गजेंद्र नेगी, सूबेदार मातवर नेगी, हुकम नेगी, जगदीश नेगी, पुष्कर बर्तवाल, मोहन बर्तवाल, शिशुपाल बर्तवाल, संतोष चौधरी, देवेंद्र, प्रकाश रावत, गजे सिंह, भगत भंडारी और बलवंत रावत आदि मौजूद थे। संचालन देवेंद्र बर्तवाल ने किया।
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