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संत गोपालदास ने पीएम को भेजा खून से लिखा पत्र
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:41 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। एम्स में भर्ती संत गोपालदास मंगलवार को डिस्चार्ज हो गए हैं। एसडीएम ऋषिकेश ने एम्स से रिलीज लेटर लेने के बाद उन्हें हरिद्वार स्थित मातृ सदन छोड़ा। इस दौरान उन्होंने एक खून से लिखा पत्र भी एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। पत्र में उन्होंने पीएम मोदी को देश के प्रधान सेवक, चौकीदार, पहरेदार कहकर संबोधित किया है।
उन्होंने सवाल किया है कि हम जैसे साधारण लोगों और महात्माओं का जीवन क्या नीति आयोग के बलबूते है। यही प्रजातंत्र की खूबसूरती है। बड़े विश्वास के साथ जनता ने आपको पीएम पद पर बैठाया है। ऐसे में जनमानस के हित की सोचना आपकी जिम्मेदारी है। असल बात यह है कि विकास के नाम पर लोगों का भविष्य चौपट किया जा रहा है। गंगत्व नष्ट करके जिस तरह प्रकृति का संतुलन बिगाड़ा जा रहा है वह विनाश का कारण बनेगा। संत ने पीएम मोदी से मांग की है कि हिमालय के पर्यावरणीय संतुलन को देखते हुए ऐसी नीति बनाएं, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की सीमा तय हो सके।
स्वामी सानंद की श्रद्धांजलि सभा 20 को
ऋषिकेश। मातृसदन की ओर से ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया है कि 20 अक्तूबर को स्वामी सानंद की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही गंगा की अविरलता के लिए आंदोलन की रणनीति भी तय होगी। उन्होंने बताया कि इसी दिन स्वामी शिवानंद घोषणा भी करेंगे कि गंगा की निर्मलता के लिए वे कब अनशन पर बैठ रहे हैं।
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कोट्स
संत गोपालदास ने चिट्ठी पहले से लिख रखी थी। पत्र लाल रंग से लिखा था, लेकिन नहीं कह सकते कि वो खून से लिखा गया या किसी स्याही से। पत्र भेज दिया गया है।
- हर गिरी, एसडीएम, ऋषिकेश।
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उन्होंने सवाल किया है कि हम जैसे साधारण लोगों और महात्माओं का जीवन क्या नीति आयोग के बलबूते है। यही प्रजातंत्र की खूबसूरती है। बड़े विश्वास के साथ जनता ने आपको पीएम पद पर बैठाया है। ऐसे में जनमानस के हित की सोचना आपकी जिम्मेदारी है। असल बात यह है कि विकास के नाम पर लोगों का भविष्य चौपट किया जा रहा है। गंगत्व नष्ट करके जिस तरह प्रकृति का संतुलन बिगाड़ा जा रहा है वह विनाश का कारण बनेगा। संत ने पीएम मोदी से मांग की है कि हिमालय के पर्यावरणीय संतुलन को देखते हुए ऐसी नीति बनाएं, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की सीमा तय हो सके।
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स्वामी सानंद की श्रद्धांजलि सभा 20 को
ऋषिकेश। मातृसदन की ओर से ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया है कि 20 अक्तूबर को स्वामी सानंद की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही गंगा की अविरलता के लिए आंदोलन की रणनीति भी तय होगी। उन्होंने बताया कि इसी दिन स्वामी शिवानंद घोषणा भी करेंगे कि गंगा की निर्मलता के लिए वे कब अनशन पर बैठ रहे हैं।
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संत गोपालदास ने चिट्ठी पहले से लिख रखी थी। पत्र लाल रंग से लिखा था, लेकिन नहीं कह सकते कि वो खून से लिखा गया या किसी स्याही से। पत्र भेज दिया गया है।
- हर गिरी, एसडीएम, ऋषिकेश।