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पांच माह के भीतर ही उखड़ने लगा सड़क से डामर
Updated Sat, 13 Oct 2018 10:04 PM IST
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जोशीमठ। सलूड़-डुंग्रा मोटर मार्ग पर विश्व बैंक लोनिवि की ओर से किया गया डामरीकरण घटिया गुणवत्ता के कारण पांच माह में ही उखड़ने लगा है। लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से सरकारी बजट का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है।
मई माह में विश्व बैंक की ओर से सलूड़-डुंग्रा रोड पर छह किलोमीटर तक डामरीकरण कार्य किया गया। इस पर विभाग की ओर से करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन पांच माह में ही डामर जगह-जगह से उखड़ने लगा। ग्राम प्रधान भजन लाल ने कहा कि घटिया गुणवत्ता के कारण डामर उखड़ने लगा है। कई जगहों पर डामरीकरण कार्य छोड़ दिया गया है। विश्व बैंक लोनिवि के ईई मनोज भट्ट का कहना है कि डामरीकरण के बाद सड़क को लोनिवि प्रांतीय खंड गोपेश्वर को हस्तांतरित कर दिया गया था। सड़क से डामरीकरण उखड़ रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। निरीक्षण में कार्य की गुणवत्ता निमभन पाई गई तो ठेकेदार को नोटिस भेजकर दोबारा डामरीकरण करने के लिए कहा जाएगा।
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मई माह में विश्व बैंक की ओर से सलूड़-डुंग्रा रोड पर छह किलोमीटर तक डामरीकरण कार्य किया गया। इस पर विभाग की ओर से करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन पांच माह में ही डामर जगह-जगह से उखड़ने लगा। ग्राम प्रधान भजन लाल ने कहा कि घटिया गुणवत्ता के कारण डामर उखड़ने लगा है। कई जगहों पर डामरीकरण कार्य छोड़ दिया गया है। विश्व बैंक लोनिवि के ईई मनोज भट्ट का कहना है कि डामरीकरण के बाद सड़क को लोनिवि प्रांतीय खंड गोपेश्वर को हस्तांतरित कर दिया गया था। सड़क से डामरीकरण उखड़ रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। निरीक्षण में कार्य की गुणवत्ता निमभन पाई गई तो ठेकेदार को नोटिस भेजकर दोबारा डामरीकरण करने के लिए कहा जाएगा।
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