फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   संत समाज और राजनीतिक हस्तियों की किनाराकसी दिखी

संत समाज और राजनीतिक हस्तियों की किनाराकसी दिखी

Sat, 13 Oct 2018 02:00 AM IST
Updated Sat, 13 Oct 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
संत समाज और राजनीतिक हस्तियों की किनाराकसी दिखी
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
विज्ञापन

ऋषिकेश। दो दिन से सानंद स्वामी का पार्थिव शरीर एम्स में है। अमूमन परंपरा रही है कि समाज में बड़ी हैसियत रखने वालों के निधन पर सरकारी नुमाइंदे श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचते हैं। फिलहाल ऐसा नहीं दिखा। संस्थान प्रबंधन सहित प्रशासन को भी आशंका थी कि अनुयायियों की भीड़ जमा होगी या राजनीतिक व्यक्तियों के आने के बाद माहौल गरम हो सकता है। लिहाजा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
हैरानी वाली बात यह रही कि दो दिनों में हरिद्वार और ऋषिकेश से न तो कोई बड़ा संत और न ही कद्दावर राजनीतिक शख्सियत संवेदना व्यक्त करने पहुंची। एम्स में मौजूद ‘जल पुरुष’ राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रो. जीडी अग्रवाल को राजनीतिक लोग समझ नहीं सके। रही बात संत समाज की तो उनसे अपेक्षा भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार डरी हुई है। यदि संवेदनशील होते तो वे यहां आते। झूठ बोलकर गंगा भक्त बनने का मायाजाल ज्यादा दिन टिकने वाला नहीं है। यह सरकार का षड़यंत्र है जो एम्स को किले की तरह घेरा गया है। मुझे भी अंदर जाने से रोकने की भरसक कोशिश हुई। पूर्ववर्ती सरकारें इतनी क्रूर नहीं थीं। वार्ता का सिलसिला जारी था। वर्तमान सरकार खुद को गंगा की हिमायती कहने लायक नहीं रही।
विज्ञापन

पूरे देश के ऊपर अभिशाप लग गया : दीदी विभा
स्वामी सानंद के विचारों की अनुयायी दीदी विभा का मानना है कि गंगा को लेकर लोगों में काफी भ्रम है। जो विचार स्वामी सानंद के थे सरकारें समझ ही नहीं सकीं। गंगा स्वयं सफाई करने में सक्षम है। गड़बड़ी यह है कि सरकारें गंगा को बेड़ियों में जकड़ रही हैं। वे कहती हैं कि अब भी वक्त है सरकार स्वामी सानंद की मांगों को स्वीकार कर प्रायश्चित कर सकती है। वो बताती हैं कि सानंद मुझे मां कहते थे। कई बार कहा कि मां मेरे जाने का मोह न करना। गंगा की सेवा में मैं कई बार जन्म लूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed