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स्वामी सानंद के व्यक्तित्व को समझना डायरेक्टर की हैसियत में नहीं : राजेंद्र सिंह

Sat, 13 Oct 2018 02:00 AM IST
Updated Sat, 13 Oct 2018 02:00 AM IST
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स्वामी सानंद के व्यक्तित्व को समझना डायरेक्टर की हैसियत में नहीं : राजेंद्र सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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ऋषिकेश। जो लोग प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद को नजदीक से जानते थे उन्हें एम्स डायरेक्टर प्रो. रविकांत की ओर से बृहस्पतिवार को दिया गया बयान चुभ गया। मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह और मातृ सदन के ब्रह्मचारी दयानंद ने एम्स डायरेक्टर के वक्तव्य को लेकर तल्ख टिप्पणी की।
दरअसल, प्रो. रविकांत ने कहा था कि स्वामी सानंद अनशन तोड़ना चाहते थे, लेकिन किसी का फोन बार-बार आ रहा था और उन्हें ऐसे करने से रोका जा रहा था। इस पर शुक्रवार को मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने तल्ख लहजे में कहा कि ये प्रो. जीडी अग्रवाल का सबसे बड़ा अपमान है। वो एक विलक्षण मेधा वाले व्यक्ति थे। कोई प्रो. जीडी अग्रवाल को पीछे से संचालित कर रहा था, ये कहना समझ का धोखा है। कम से कम एम्स डायरेक्टर की हैसियत नहीं कि वो प्रो. जीडी अग्रवाल के व्यक्तिव को तौल सकें।
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स्वामी सानंद की हत्या हुई, डायरेक्टर भी साजिश में शामिल
मातृ सदन से आए ब्रह्मचारी दयानंद ने आरोप लगाया कि स्वामी सानंद की हत्या हुई है और इस साजिश में एम्स डायरेक्टर प्रो. रविकांत भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वामी निगमानंद की भी इसी तरह हत्या हुई थी। दयानंद ने स्वामी सानंद की मौत मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी हार्दिक इच्छा थी कि स्वामीजी के पार्थिव शरीर का गंगा स्नान कराया जाए। फिलहाल ऐसा नहीं हो पाया। एम्स डायरेक्टर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
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बातचीत को प्रमाणित करना मेरा काम नहीं : प्रो. रविकांत
आलोचनाओं पर प्रो. डॉ. रविकांत ने भी सख्त जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बेवकूफी की बातें कर सकता है, वह उसका राइट है मेरा नहीं। इसके अलावा उन्होंने राजेंद्र सिंह के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोई ये कहे कि मुझे रिकार्डिंग सुनाओ, तो वह मेरे पास नहीं है और न ही वह मेरा काम है। अंतिम दर्शन की मांग को लेकर कहा कि जब किसी ने शरीर छोड़ दिया तो परिवार कैसा। कोई संवेदना व्यक्त करना चाहता है तो वह चित्र लगाकर अपने घर करे। हम भी श्रद्धांजलि अर्पित करने आएंगे। जब स्वामी सानंद ने पार्थिव शरीर हमें सौंपा है तो वह मेडिकल इंस्टीट्यूशन का हो गया।

शुरू होगी लोक चेतना यात्रा
गंगा और गंगत्व की सुचिता को बरकरार रखने की मुहिम को अब नया आयाम देने की काशिश होगी। जो कारवां प्रो. जीडी अग्रवाल ने अपने पीछे छोड़ा है उसे जल पुरुष राजेंद्र सिंह नेतृत्व देने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रविवार से देश व्यापी लोक चेतना यात्रा का शुभारंभ होगा। जिन्होंने गंगा को धोखा दिया है उन्हें स्वामी सानंद की आत्मा दंडित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रो. जीडी अग्रवाल पुनर्जन्म में विश्वास रखते थे। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा भी था कि इन सरकारों से अब कोई उम्मीद नहीं रही। अगले जन्म में मां गंगा के लिए मेरी आत्मा अधिक व्यग्र होकर जन्म लेगी।
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