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पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन की बैठक में समस्याओं पर हुई चर्चा
Updated Thu, 11 Oct 2018 10:58 PM IST
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श्रीनगर। केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र एसएसबी में पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन की बैठक आयोजित हुई, जिसमें अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की गई। कर्मियों ने जिला कल्याण अधिकारी के समक्ष 10 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया। कहा कि संगठन विगत लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग कर रहा है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र में डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बलोदी की अध्यक्षता में सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों की बैठक हुई, जिसमें कर्मियों ने सशस्त्र सेना की तर्ज पर अर्द्धसैनिक बलों को भी समान वेतन, पेंशन व अन्य सुविधा दिए जाने की मांग की। कर्मियों ने छठवें व सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने व पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर भी जोर दिया। कहा कि आज तक सेवानिवृत्त कर्मियों व वीर नारियों को वर्ष 1990 से पहले के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। इसके साथ ही सीपीसी कैंटीन को जीएसटी से मुक्त करने, लासनायक व नायक के पदों को फिर से जीवित करने, सशस्त्र सेना की तर्ज पर अर्द्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा देने व उनके आश्रितों को भर्ती में छूट दिए जाने आदि की मांग की गई। इस मौके पर जय सिंह रावत, सत्ये सिंह रावत, राजेंद्र सिंह कपरवान, सीएम बहुगुणा, सीताराम जुयाल, चंदन सिंह बिष्ट, केशवानंद बहुगुणा आदि मौजूद थे।
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केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र में डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बलोदी की अध्यक्षता में सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों की बैठक हुई, जिसमें कर्मियों ने सशस्त्र सेना की तर्ज पर अर्द्धसैनिक बलों को भी समान वेतन, पेंशन व अन्य सुविधा दिए जाने की मांग की। कर्मियों ने छठवें व सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने व पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर भी जोर दिया। कहा कि आज तक सेवानिवृत्त कर्मियों व वीर नारियों को वर्ष 1990 से पहले के एरियर का भुगतान नहीं किया गया है। इसके साथ ही सीपीसी कैंटीन को जीएसटी से मुक्त करने, लासनायक व नायक के पदों को फिर से जीवित करने, सशस्त्र सेना की तर्ज पर अर्द्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा देने व उनके आश्रितों को भर्ती में छूट दिए जाने आदि की मांग की गई। इस मौके पर जय सिंह रावत, सत्ये सिंह रावत, राजेंद्र सिंह कपरवान, सीएम बहुगुणा, सीताराम जुयाल, चंदन सिंह बिष्ट, केशवानंद बहुगुणा आदि मौजूद थे।
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