{"_id":"5bbd0d22867a5528504954f2","slug":"15391162978-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुलदार ने आठ बकरियों को बनाया निवाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुलदार ने आठ बकरियों को बनाया निवाला
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया। कोटी कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुलदार ने तोईला बैंड के पास हमला कर आठ बकरियों को मार गिराया। इस घटना से लोगों में दहशत का माहौल है। अब तक गुलदार यहां एक दर्जन से अधिक पशुओं को अपना निवाला बना चुका है।
मंगलवार को कॉलोनी निवासी अतर सिंह पुत्र सईराम अपने पशुओं को चराने के लिए जंगल ले गया था। शाम करीब पांच बजे जब वह बकरियों को वापस घर ले जाने लगा तो आठ बकरियां कम मिली। उसने आसपास तलाश की तो पांच बकरियां मरी हुई मिली जबकि, तीन बकरियों अब भी लापता है। पीड़ित का कहना है कि पशुपालन ही उसकी रोजीरोटी का एकमात्र जरिया है। बकरियों की मौत होने से उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है। मालूम हो कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। गुलदार अब तक कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। दो माह पूर्व गुलदार से बचने के दौरान एक महिला खाई में भी जा गिरी थी। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई थी। उधर, डीएफओ चकराता दीपचंद आर्य ने बताया कि मामले में संबंधित वन रेंजाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन
साहिया। कोटी कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुलदार ने तोईला बैंड के पास हमला कर आठ बकरियों को मार गिराया। इस घटना से लोगों में दहशत का माहौल है। अब तक गुलदार यहां एक दर्जन से अधिक पशुओं को अपना निवाला बना चुका है।
मंगलवार को कॉलोनी निवासी अतर सिंह पुत्र सईराम अपने पशुओं को चराने के लिए जंगल ले गया था। शाम करीब पांच बजे जब वह बकरियों को वापस घर ले जाने लगा तो आठ बकरियां कम मिली। उसने आसपास तलाश की तो पांच बकरियां मरी हुई मिली जबकि, तीन बकरियों अब भी लापता है। पीड़ित का कहना है कि पशुपालन ही उसकी रोजीरोटी का एकमात्र जरिया है। बकरियों की मौत होने से उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने वन विभाग से मुआवजे की गुहार लगाई है। मालूम हो कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। गुलदार अब तक कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। दो माह पूर्व गुलदार से बचने के दौरान एक महिला खाई में भी जा गिरी थी। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई थी। उधर, डीएफओ चकराता दीपचंद आर्य ने बताया कि मामले में संबंधित वन रेंजाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन