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अतिक्रमण विरोधी अभियान : औंधे मुंह गिरा व्यापार
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में दशहरा पर्व को लेकर इस बार बाजार में रौनक फीकी नजर आ रही है। अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर व्यापारी खुलकर निवेश नहीं कर पा रहे हैं। काफी दुकानदारों ने खुद ही तोड़फोड़ शुरू कर दी है। लिहाजा सामान रखने की जगह नहीं बची। एक अनुमान के मुताबिक नगर के बाजारों में रोजाना औसत 15 करोड़ का व्यापार होता है। उद्यमियों की मानें तो अनिश्चितता की स्थिति ने व्यापार को आधे पर समेट दिया है।
त्यौहारी सीजन में व्यापार करीब 17 से 20 करोड़ तक पहुंच जाता है। नवरात्रि के मौके पर पूर्व में बाजारों की परिधि सड़कों तक आ जाती थी। इस बार प्रशासन और व्यापारी दोनों ही असमंजस का सामना कर रहे हैं। नगर क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर दुकानों के आगे से छज्जे और रैंप आदि को व्यापारी खुद ही तोड़ने में लगे हैं। डर यह है कि अतिक्रमण के दायरे में आने के बाद यदि बुलडोजर चला तो ज्यादा नुकसान होगा। लिहाजा खुद ही अतिक्रमण समेटे जा रहे हैं। अधिकांश दुकानों के शटर तक उखड़ने पड़े हैं। ऐसे में बचे हुए सामान को सहेजना ही चुनौती है। एहतियातन व्यापारी नया आर्डर दे ही नहीं रहे हैं। नतीजा यह है कि पीक सीजन में भी कारोबार घटकर सात से 10 करोड़ पर लुढ़क गया है।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जयदत्त शर्मा के मुताबिक दीपावली तक शहर में अभियान को रोकने के लिए जल्द व्यापारी डीएम से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्हें इस बाबत पत्र सौंपकर त्यौहार के दौरान छूट दिए जाने की मांग की जाएगी। वहीं, देवभूमि उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने भी एसडीएम हर गिरि को पत्र देकर अतिक्रमण अभियान को दीपावली तक स्थगित करने की मांग की है।
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त्यौहारी सीजन में व्यापार करीब 17 से 20 करोड़ तक पहुंच जाता है। नवरात्रि के मौके पर पूर्व में बाजारों की परिधि सड़कों तक आ जाती थी। इस बार प्रशासन और व्यापारी दोनों ही असमंजस का सामना कर रहे हैं। नगर क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर दुकानों के आगे से छज्जे और रैंप आदि को व्यापारी खुद ही तोड़ने में लगे हैं। डर यह है कि अतिक्रमण के दायरे में आने के बाद यदि बुलडोजर चला तो ज्यादा नुकसान होगा। लिहाजा खुद ही अतिक्रमण समेटे जा रहे हैं। अधिकांश दुकानों के शटर तक उखड़ने पड़े हैं। ऐसे में बचे हुए सामान को सहेजना ही चुनौती है। एहतियातन व्यापारी नया आर्डर दे ही नहीं रहे हैं। नतीजा यह है कि पीक सीजन में भी कारोबार घटकर सात से 10 करोड़ पर लुढ़क गया है।
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नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जयदत्त शर्मा के मुताबिक दीपावली तक शहर में अभियान को रोकने के लिए जल्द व्यापारी डीएम से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्हें इस बाबत पत्र सौंपकर त्यौहार के दौरान छूट दिए जाने की मांग की जाएगी। वहीं, देवभूमि उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने भी एसडीएम हर गिरि को पत्र देकर अतिक्रमण अभियान को दीपावली तक स्थगित करने की मांग की है।
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