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युवाओं को जनसहभागिता से जोड़ने की जरूरत
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:52 AM IST
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युवाओं को जनसहभागिता से जोड़ने की जरूरत
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। इटर्नल क्वालिटी एश्योरेंस सेल की ओर से पीजी ऑटोनॉमस कॉलेज में बृहस्पतिवार को ‘सामाजिक जिम्मेदारी में छात्रों की भागीदारी’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं को समाज के कमजोर वर्ग के लिए काम करने को प्रेरित किया गया। इसके अलावा सेमिनार में स्वच्छ भारत मिशन व ‘ईच वन टीच वन, ईच वन हेल्प वन’ को आउटरीच और प्रसार गतिविधियों की रूप में लांच भी किया गया।
महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ टीएचडीसीआईएल के निदेशक तकनीकी एचएल अरोड़ा और अधिशासी निदेशक एचएल भारज व प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को जनसहभागिता से जोड़ने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने छात्र-छात्राओं से वंचित वर्ग के बच्चों को पढ़ाने, रक्तदान, नेत्रदान और स्वच्छता जागरूकता आदि से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमिता श्रीवास्तव ने देश के नवनिर्माण में युवाओं की भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, नशा, अंधविश्वास, दान, बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को शिक्षित करने जैसे कार्यों को युवाओं को जिम्मेदारी समझकर निभाने की जरूरत है। कार्यक्रम में 30 छात्र-छात्राओं ने भी विचार रखे। जिसमें प्रथम पुरस्कार अंजलि रावत, द्वितीय सुरभि सकलानी व तृतीय आयुषी उनियाल को दिया गया। सेमिनार में कॉलेज के 150 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. मृत्युंजय शर्मा, डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. पूजा कुकरेती, डॉ. सीमा पांडेय, डॉ. मुक्तिनाथ, डॉ. विजेंद्र लिंगवाल आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। इटर्नल क्वालिटी एश्योरेंस सेल की ओर से पीजी ऑटोनॉमस कॉलेज में बृहस्पतिवार को ‘सामाजिक जिम्मेदारी में छात्रों की भागीदारी’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं को समाज के कमजोर वर्ग के लिए काम करने को प्रेरित किया गया। इसके अलावा सेमिनार में स्वच्छ भारत मिशन व ‘ईच वन टीच वन, ईच वन हेल्प वन’ को आउटरीच और प्रसार गतिविधियों की रूप में लांच भी किया गया।
महाविद्यालय में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ टीएचडीसीआईएल के निदेशक तकनीकी एचएल अरोड़ा और अधिशासी निदेशक एचएल भारज व प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को जनसहभागिता से जोड़ने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने छात्र-छात्राओं से वंचित वर्ग के बच्चों को पढ़ाने, रक्तदान, नेत्रदान और स्वच्छता जागरूकता आदि से जुड़ने की अपील की। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमिता श्रीवास्तव ने देश के नवनिर्माण में युवाओं की भागीदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, नशा, अंधविश्वास, दान, बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को शिक्षित करने जैसे कार्यों को युवाओं को जिम्मेदारी समझकर निभाने की जरूरत है। कार्यक्रम में 30 छात्र-छात्राओं ने भी विचार रखे। जिसमें प्रथम पुरस्कार अंजलि रावत, द्वितीय सुरभि सकलानी व तृतीय आयुषी उनियाल को दिया गया। सेमिनार में कॉलेज के 150 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. राजेश नौटियाल, डॉ. मृत्युंजय शर्मा, डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. पूजा कुकरेती, डॉ. सीमा पांडेय, डॉ. मुक्तिनाथ, डॉ. विजेंद्र लिंगवाल आदि मौजूद रहे।
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