{"_id":"5bb4f44e867a555b081aa8dd","slug":"15385856575-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों पर लाठीचार्ज से गढ़वाल विवि के छात्रों में उबाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों पर लाठीचार्ज से गढ़वाल विवि के छात्रों में उबाल
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। दिल्ली में किसानों पर लाठी चार्ज किए जाने से आक्रोशित गढ़वाल विवि के छात्रों ने केंद्र सरकार का पुतला फूंका। छात्रों का आरोप था कि किसान स्वामी नाथन आयोग कर सिफारिशें लागू करने सहित विभिन्न मांगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने बिना वजह किसानों पर लाठी चार्ज की।
बुधवार को गढ़वाल विवि गेट के समीप जय हो, आर्यन, आइसा, छात्रम आदि छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्र अतुल सती, रामप्रकाश रैम्स, प्रदीप पंवार आदि ने कहा कि देशभर के किसान कर्जा माफी व स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की मांग के लिए राजघाट मार्ग पर शांतिपूर्ण मार्च करना चाहते थे। किसानों का जत्था दिल्ली सीमा पर पहुंच गया था, लेकिन भाजपा की केंद्र व यूपी सरकार ने किसानों पर लाठी चार्ज करवाई। कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। अन्नदाता के साथ सरकार का यह व्यवहार अमानवीय कृत्य है। उन्होंने सरकार को किसानों से माफी मांगने की मांग की। पुतला दहन करने वालों में अंकित उछोली, देवकांत देवराड़ी, आयुष मियां, अभिषेक, दर्शन, प्रियंक बिष्ट, वैभव सकलानी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
बुधवार को गढ़वाल विवि गेट के समीप जय हो, आर्यन, आइसा, छात्रम आदि छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्र अतुल सती, रामप्रकाश रैम्स, प्रदीप पंवार आदि ने कहा कि देशभर के किसान कर्जा माफी व स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने की मांग के लिए राजघाट मार्ग पर शांतिपूर्ण मार्च करना चाहते थे। किसानों का जत्था दिल्ली सीमा पर पहुंच गया था, लेकिन भाजपा की केंद्र व यूपी सरकार ने किसानों पर लाठी चार्ज करवाई। कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। अन्नदाता के साथ सरकार का यह व्यवहार अमानवीय कृत्य है। उन्होंने सरकार को किसानों से माफी मांगने की मांग की। पुतला दहन करने वालों में अंकित उछोली, देवकांत देवराड़ी, आयुष मियां, अभिषेक, दर्शन, प्रियंक बिष्ट, वैभव सकलानी आदि शामिल थे।
विज्ञापन