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विश्व पर्यटन दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन
Updated Fri, 28 Sep 2018 01:12 AM IST
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संस्कृति बचेगी तभी पर्यटन विकास होगा : नेगी
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से बृहस्पतिवार को रेलवे रोड स्थित रुद्राक्षी योगशाला में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में उत्तराखंड में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान गढ़वाल महासभा और योगा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने पर्यटन विकास में संस्कृति के महत्व की जानकारी दी।
गढ़वाल महासभा की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रुद्राक्षी योगशाला में आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ महासभा और योगा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी, योगाचार्य धीरज चौहान और समाजसेवी विनोद जुगलाण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर डॉ. राजे नेगी ने कहा कि हालांकि तीर्थनगरी ऋषिकेश प्राचीन व ऐतिहासिक स्थल है। बीते पांच दशक में ऋषिकेश को पर्यटन व तीर्थाटन गतिविधियों के कारण विश्व फलक पर पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी में विभिन्न देशों और धर्मों के करोड़ों लोग आध्यात्मिक उन्नयन, गंगा दर्शन व योग की तालीम लेने के लिए जुटते हैं। इसके अलावा सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्ता की दृष्टि से भी यह तीर्थ और पर्यटनस्थल देश दुनिया में शांति का संदेश प्रसारित कर रहा है। देश में बहुधर्मी लोगों के रहते हुए भी भारत एक लोकप्रिय लोकतांत्रिक राष्ट्र है, यही हमारी पहचान है। लिहाजा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी लोक संस्कृतियों के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
उन्होंने कहा कि जब संस्कृति बचेगी तभी पर्यटन विकास होगा और हमारी सामाजिक, आर्थिक विरासत का संवर्धन संभव हो सकेगा। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण प्रेमी विनोद जुगलाण ने बताया कि विश्व में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक एकता के लिए विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 27 सितंबर 1970 को हुई थी। उत्तम सिंह असवाल के संचालन में आयोजित गोष्ठी में भारतीय भाषा मंच के प्रदेश संयोजक राजीव थपलियाल, भागवताचार्य स्वामी देवभक्त सुकदेव महाराज, समाजसेवी कमल सिंह राणा, रमेश रावत, अंकित नैथानी, शुभम सेमवाल, मोहन भंडारी, अक्षय मलिक, पवन तिवारी, स्वीटी वर्मा, पूजा सक्सेना, दीपा चौहान आदि मौजूद थे।
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उधर, टूरिज्म एंड डिजिटल ट्रांस्फार्मेशन थीम पर चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड परिसर स्थित पर्यटक अतिथि गृह में पर्यटन विभाग की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रांतों से आए सैलानियों को उत्तराखंड के पर्यटन व तीर्थस्थलों की जानकारी दी गई। इस दौरान स्थानीय पर्यटन कार्यालय के प्रभारी वाईएस कोहली ने पर्यटकों को तीर्थस्थलों से जुड़ी जानकारी दी। आयोजन में अतिथिगृह के संचालक धर्म सिंह रणावत, जगमोहन, मंजीत रौतेला, बिजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से बृहस्पतिवार को रेलवे रोड स्थित रुद्राक्षी योगशाला में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में उत्तराखंड में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान गढ़वाल महासभा और योगा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने पर्यटन विकास में संस्कृति के महत्व की जानकारी दी।
गढ़वाल महासभा की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रुद्राक्षी योगशाला में आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ महासभा और योगा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी, योगाचार्य धीरज चौहान और समाजसेवी विनोद जुगलाण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर डॉ. राजे नेगी ने कहा कि हालांकि तीर्थनगरी ऋषिकेश प्राचीन व ऐतिहासिक स्थल है। बीते पांच दशक में ऋषिकेश को पर्यटन व तीर्थाटन गतिविधियों के कारण विश्व फलक पर पहचान बनी है। उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी में विभिन्न देशों और धर्मों के करोड़ों लोग आध्यात्मिक उन्नयन, गंगा दर्शन व योग की तालीम लेने के लिए जुटते हैं। इसके अलावा सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्ता की दृष्टि से भी यह तीर्थ और पर्यटनस्थल देश दुनिया में शांति का संदेश प्रसारित कर रहा है। देश में बहुधर्मी लोगों के रहते हुए भी भारत एक लोकप्रिय लोकतांत्रिक राष्ट्र है, यही हमारी पहचान है। लिहाजा हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी लोक संस्कृतियों के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
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उन्होंने कहा कि जब संस्कृति बचेगी तभी पर्यटन विकास होगा और हमारी सामाजिक, आर्थिक विरासत का संवर्धन संभव हो सकेगा। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण प्रेमी विनोद जुगलाण ने बताया कि विश्व में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक एकता के लिए विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 27 सितंबर 1970 को हुई थी। उत्तम सिंह असवाल के संचालन में आयोजित गोष्ठी में भारतीय भाषा मंच के प्रदेश संयोजक राजीव थपलियाल, भागवताचार्य स्वामी देवभक्त सुकदेव महाराज, समाजसेवी कमल सिंह राणा, रमेश रावत, अंकित नैथानी, शुभम सेमवाल, मोहन भंडारी, अक्षय मलिक, पवन तिवारी, स्वीटी वर्मा, पूजा सक्सेना, दीपा चौहान आदि मौजूद थे।
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उधर, टूरिज्म एंड डिजिटल ट्रांस्फार्मेशन थीम पर चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड परिसर स्थित पर्यटक अतिथि गृह में पर्यटन विभाग की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रांतों से आए सैलानियों को उत्तराखंड के पर्यटन व तीर्थस्थलों की जानकारी दी गई। इस दौरान स्थानीय पर्यटन कार्यालय के प्रभारी वाईएस कोहली ने पर्यटकों को तीर्थस्थलों से जुड़ी जानकारी दी। आयोजन में अतिथिगृह के संचालक धर्म सिंह रणावत, जगमोहन, मंजीत रौतेला, बिजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।