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बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था नई एजेंसी को मिलेगी
Updated Thu, 27 Sep 2018 10:21 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था में सुधार न होने पर आउटसोर्सिंग एजेंसी से काम छीन लिया गया है। उक्त एजेंसी को एक हफ्ते का समय दिया गया है।
पिछले साढ़े पांच माह से बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। विगत 15 अप्रैल को अस्पताल की सफाई व्यवस्था देख रही आउटसोर्सिंग एजेंसी का कांट्रेक्ट खत्म हो गया था। नई एजेंसी के साथ अनुबंध न होने की वजह से पुरानी एजेंसी को अस्थायी काम दिया गया, लेकिन वेतन और पीएफ भुगतान न होने की वजह से सफाई कर्मियों ने एजेंसी के साथ काम करने से मना कर दिया, जिससे यहां सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मियों से व्यवस्था चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ। अस्पताल प्रबंधन की ओर से तीन बार सफाई के लिए टेंडर डाले गए, लेकिन दो बार कमियों की वजह से टेंडर स्वीकृत नहीं हो पाए। तीसरी बार पुरानी एजेंसी का ही टेंडर खुल गया। पुराने अनुभव को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी को 18 सितंबर तक सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बाद ही नया अनुबंध करने को कहा था, लेकिन एजेंसी निर्धारित 50 से 60 कर्मचारियों के बजाय 10 से 15 कर्मचारियों की व्यवस्था कर पाई। बृहस्पतिवार को अस्पताल में बैठक के बाद उक्त एजेंसी को काम न देने का निर्णय लिया गया। मेडिकल कॉलेज/बेस अस्पताल के वित्त नियंत्रक विवेक स्वरुप ने बताया कि अन्य एजेंसी को काम दिया जाएगा। जो एजेंसी मानक पूरा करेगी, उसके साथ अनुबंध किया जाएगा।
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पिछले साढ़े पांच माह से बेस अस्पताल की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। विगत 15 अप्रैल को अस्पताल की सफाई व्यवस्था देख रही आउटसोर्सिंग एजेंसी का कांट्रेक्ट खत्म हो गया था। नई एजेंसी के साथ अनुबंध न होने की वजह से पुरानी एजेंसी को अस्थायी काम दिया गया, लेकिन वेतन और पीएफ भुगतान न होने की वजह से सफाई कर्मियों ने एजेंसी के साथ काम करने से मना कर दिया, जिससे यहां सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के सफाई कर्मियों से व्यवस्था चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन यह नाकाफी साबित हुआ। अस्पताल प्रबंधन की ओर से तीन बार सफाई के लिए टेंडर डाले गए, लेकिन दो बार कमियों की वजह से टेंडर स्वीकृत नहीं हो पाए। तीसरी बार पुरानी एजेंसी का ही टेंडर खुल गया। पुराने अनुभव को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी को 18 सितंबर तक सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बाद ही नया अनुबंध करने को कहा था, लेकिन एजेंसी निर्धारित 50 से 60 कर्मचारियों के बजाय 10 से 15 कर्मचारियों की व्यवस्था कर पाई। बृहस्पतिवार को अस्पताल में बैठक के बाद उक्त एजेंसी को काम न देने का निर्णय लिया गया। मेडिकल कॉलेज/बेस अस्पताल के वित्त नियंत्रक विवेक स्वरुप ने बताया कि अन्य एजेंसी को काम दिया जाएगा। जो एजेंसी मानक पूरा करेगी, उसके साथ अनुबंध किया जाएगा।
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