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बकाया राशि भुगतान पर अपना पक्ष रखा कैंटीन संचालकों ने
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:32 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासन से नोटिस मिलने के बाद अब कैंटीन संचालकों ने अपना पक्ष रखा है। कैंटीन संचालकों का कहना है कि विवि प्रशासन के साथ उनका एक वर्ष का अनुबंध था, जिसका पूरा पालन किया गया है, लेकिन एक वर्ष पूर्ण होने के बाद विवि ने न तो उनका अनुबंध विस्तारित किया है और न ही इस संबंध में कोई कार्रवाई। कैंटीन संचालकों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में विवि प्रशासन से कई बार पत्राचार भी किया है। वहीं विवि प्रशासन ने कैंटीन संचालकों के तथ्यों को पूरी तरह गलत बताया है।
गढ़वाल विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा ने कुछ दिन पूर्व बिड़ला परिसर, प्रशासनिक भवन व चौरास परिसर के कैंटीन संचालकों को किराए की बकाया राशि भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किए थे। विवि प्रशासन के अनुसार इन सभी कैंटीन संचालकों पर 16 लाख से अधिक बकाया है, जिसका भुगतान न किए जाने पर विवि ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दूसरी ओर, नोटिस मिलने पर कैंटीन संचालकों ने अपना पक्ष रखा है। कैंटीन संचालकों का कहना है कि उनका अनुबंध मात्र एक वर्ष का था, जिसका भुगतान उन्होंने विवि के कैश काउंटर पर करवाया है। एक वर्ष पूर्ण होने के बाद विवि प्रशासन ने न तो उनका अनुबंध बढ़ाया है और न ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की है। कैंटीन संचालकों ने यह भी कहा कि अनुबंध में यह भी तय किया गया था कि विवि में होने वाले कार्यक्रमों में कैटरिंग के लिए कैंटीन को वरीयता दी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा ने कैंटीन संचालकों के तथ्य को गलत बताया। कहा कि कैंटीन संचालकों को हर हाल में बकाया राशि देनी होगी।
गढ़वाल विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा ने कुछ दिन पूर्व बिड़ला परिसर, प्रशासनिक भवन व चौरास परिसर के कैंटीन संचालकों को किराए की बकाया राशि भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किए थे। विवि प्रशासन के अनुसार इन सभी कैंटीन संचालकों पर 16 लाख से अधिक बकाया है, जिसका भुगतान न किए जाने पर विवि ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दूसरी ओर, नोटिस मिलने पर कैंटीन संचालकों ने अपना पक्ष रखा है। कैंटीन संचालकों का कहना है कि उनका अनुबंध मात्र एक वर्ष का था, जिसका भुगतान उन्होंने विवि के कैश काउंटर पर करवाया है। एक वर्ष पूर्ण होने के बाद विवि प्रशासन ने न तो उनका अनुबंध बढ़ाया है और न ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की है। कैंटीन संचालकों ने यह भी कहा कि अनुबंध में यह भी तय किया गया था कि विवि में होने वाले कार्यक्रमों में कैटरिंग के लिए कैंटीन को वरीयता दी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा ने कैंटीन संचालकों के तथ्य को गलत बताया। कहा कि कैंटीन संचालकों को हर हाल में बकाया राशि देनी होगी।
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