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सूचना अधिकार में उपलब्ध कराई शिक्षकों की सूची पर विवाद
Updated Mon, 24 Sep 2018 09:52 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि में शिक्षकों की वरीयता को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवि प्रशासन ने सूचना अधिकार के तहत शिक्षकों की एक सूची अपीलकर्ता को उपलब्ध कराई है। बताया जा रहा है कि सूची वरिष्ठता के आधार पर बनाई गई है। हालांकि विवि प्रशासन अब इस सूची को मानने से ही इनकार कर रहा है।
अनियमितताओं के चलते विवि के पूर्व कुलपति प्रो. जेएल कौल को पद मुक्त कर दिया गया था, तब से विवि में कार्यवाहक कुलपति के तौर पर वरिष्ठ प्रोफेसर तैनात हैं। कुलपति पद पर कार्यवाहक तैनाती के लिए यहां शिक्षकों में वरिष्ठता का विवाद बना हुआ है। एक वरिष्ठ प्रोफेसर कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए वरिष्ठ प्रोफेसर होने का दावा भी जता चुके हैं। वहीं विवि प्रशासन ने सूचना अधिकार के तहत एक अपीलकर्ता को शिक्षकों की सूची दी है। बताया जा रहा है कि सूची वरिष्ठता के आधार पर बनाई गई है। कतिपय शिक्षकों ने इस सूची में अंकित वरिष्ठता को पूरी तरह गलत बताया है। वहीं अब विवि प्रशासन भी इस सूची को मानने से साफ इनकार कर रहा है। विवि प्रशासन का कहना है कि बिना किसी अधिकारी के हस्ताक्षर के सूची जारी की गई है, जो कि मान्य नहीं है। कुलसचिव डा. एके झा का कहना है कि बिना अधिकारी के हस्ताक्षर के शिक्षकों की सूची जारी किए जाने की बात संज्ञान में आई है। अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना वरिष्ठता सूची जारी करने वाले कर्मचारी/अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
अनियमितताओं के चलते विवि के पूर्व कुलपति प्रो. जेएल कौल को पद मुक्त कर दिया गया था, तब से विवि में कार्यवाहक कुलपति के तौर पर वरिष्ठ प्रोफेसर तैनात हैं। कुलपति पद पर कार्यवाहक तैनाती के लिए यहां शिक्षकों में वरिष्ठता का विवाद बना हुआ है। एक वरिष्ठ प्रोफेसर कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए वरिष्ठ प्रोफेसर होने का दावा भी जता चुके हैं। वहीं विवि प्रशासन ने सूचना अधिकार के तहत एक अपीलकर्ता को शिक्षकों की सूची दी है। बताया जा रहा है कि सूची वरिष्ठता के आधार पर बनाई गई है। कतिपय शिक्षकों ने इस सूची में अंकित वरिष्ठता को पूरी तरह गलत बताया है। वहीं अब विवि प्रशासन भी इस सूची को मानने से साफ इनकार कर रहा है। विवि प्रशासन का कहना है कि बिना किसी अधिकारी के हस्ताक्षर के सूची जारी की गई है, जो कि मान्य नहीं है। कुलसचिव डा. एके झा का कहना है कि बिना अधिकारी के हस्ताक्षर के शिक्षकों की सूची जारी किए जाने की बात संज्ञान में आई है। अधिकारी के हस्ताक्षर के बिना वरिष्ठता सूची जारी करने वाले कर्मचारी/अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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