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गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अनंत चतुर्दशी पर्व के मौके पर विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित श्रीगणेश महोत्सव के तहत त्रिवेणीघाट पर गंगा में श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान तीर्थनगरी में त्रिवेणीघाट पर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने विधि विधानपूर्वक मोक्षदायिनी में प्रतिमा विसर्जित की। विभिन्न संस्थाओं के बैनर तले भक्तगण डीजे की धुनों पर नृत्य करते हुए तीर्थनगरी पहुंचे। रविवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन के मौके पर त्रिवेणीघाट पर भगवान गणपति भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
11 दिवसीय गणेश महोत्सव के समापन पर तीर्थनगरी में विभिन्न संगठनों और समितियों द्वारा प्रतिमाएं विसर्जित की गई। इस दौरान रेलवे रोड पर वनखंडी सोमेश्वर महादेव मंदिर, बगलामुखी पीठ, काले की ढाल, ढालवाला, नरेंद्रनगर, देहरादून, चौदहबीघा, इंदिरानगर, मुनिकीरेती समेत कई स्थानों से लोग गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए त्रिवेणी घाट पहुंचे। वनखंडी सोमेश्वर मंदिर से पहुंची शोभायात्रा में महंत रामेश्वर गिरि, शंकर गिरि, नरेश भाई समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
उधर लक्ष्मणझूला रोड स्थित बगलामुखी पीठ से त्रिवेणीघाट पहुंची शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तों के साथ पीठाधीश्वर राहुलेश्वरानंद रथ में सवार होकर प्रतिमा विसर्जन को पहुंचे। इस दौरान महेश पटेल, हरीश अरोड़ा, मनोज पटेल, सतेंद्र रस्तोगी, लालजी भाई पटेल, आकाश लाड़वा आदि मौजूद थे। इंदिरानगर विस्थापित कॉलोनी से त्रिवेणीघाट तक श्रीगणेश प्रतिमा शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान लोकेश कुमार, अमित शर्मा, शंकर सिंह, संजय कुमार, लक्ष्मी सजवाण, अनीता वर्मा, सुशीला बिष्ट, गीता आदि मौजूद थे।
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त्रिवेणीघाट पर खेली गई फूलों की होली
ऋषिकेश। त्रिवेणीघाट में आयोजित श्रीगणेश महोत्सव के समापन पर रविवार को गणेशजी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने त्रिवेणीघाट पर फूलों की होली खेली। पंडित जगमोहन मिश्रा ने बताया कि 11 दिवसीय गणेश महोत्सव के समापन अवसर सुबह से गणेश उत्सव में भजन कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। अनुष्ठान में पंडित जगदीश जोशी, गोविंद शर्मा, मणिराम पैन्यूली, सुशील मिश्रा, विनय पांडे आदि मौजूद थे।
व्यापारियों ने किया भंडारे का आयोजन
ऋषिकेश। गणेश उत्सव के समापन अवसर पर स्थानीय व्यवसायियों ने भंडारे का आयोजन किया। रविवार को मुनिकीरेती स्थित शिवानंद राम झूला के निकट भंडारे में तीर्थनगरी के संत महात्माओं और तीर्थयात्रियों ने प्रसाद लिया। तीर्थनगरी के व्यवसायी दीपक बडोनी ने बताया कि स्थानीय व्यवसायी और दिल्ली से तीर्थनगरी पहुंचे शिवभक्तों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान दीपक जोशी, महेंद्र यादव, विक्रांत यादव, योगेश यादव, पिंटू यादव, अनिल यादव, प्रदीप भंडारी आदि मौजूद थे।
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परमार्थ ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
- मिट्टी से बनाए श्रीगणेश को गमले में रखकर रुद्राक्ष का पौधा रोपा
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुुनि के सानिध्य में वीरपुर गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने मिट्टी के श्रीगणेश भगवान बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। रविवार को गणेश विसर्जन के अवसर पर मिट्टी से बनाए गए गणेशजी को गमले में रखकर उसमें रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया गया। इस मौके पर आश्रमाध्यक्ष चिदानंद मुनि ने कहा कि गणेश विसर्जन पर ऋषिकुमारों ने श्रीगणेश विसर्जन के साथ रुद्राक्ष के पौधे के सृजन की परंपरा की शुरुआत की है।
उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव में करोड़ों की संख्या में मूर्तियों का विसर्जन जल में किया जाता है। मूर्तियों का निर्माण पेरिस ऑफ प्लास्टर, सीमेंट, सिंथेटिक रंगों व थर्माकोल, क्ले, घास-फूस से किया जाता है। जिससे पदार्थों में विलय घातक रसायन जल स्रोतों को जहरीला बना देते हैं। इसका सीधा प्रभाव जलीय वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं पर पड़ता है। इसके लिए परंपरा को बदलने का समय आ गया है, अब हमें जागरुकता के साथ उत्सव मनाने होंगे, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रह सके। इस दौरान जर्मनी से आई प्रसिद्ध अभिनेत्री एस्टर, जॉबस्ट निग, नंदिनी त्रिपाठी, रूपा राव, फैबियन मोर, नंदबाला आदि मौजूद थे।
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11 दिवसीय गणेश महोत्सव के समापन पर तीर्थनगरी में विभिन्न संगठनों और समितियों द्वारा प्रतिमाएं विसर्जित की गई। इस दौरान रेलवे रोड पर वनखंडी सोमेश्वर महादेव मंदिर, बगलामुखी पीठ, काले की ढाल, ढालवाला, नरेंद्रनगर, देहरादून, चौदहबीघा, इंदिरानगर, मुनिकीरेती समेत कई स्थानों से लोग गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए त्रिवेणी घाट पहुंचे। वनखंडी सोमेश्वर मंदिर से पहुंची शोभायात्रा में महंत रामेश्वर गिरि, शंकर गिरि, नरेश भाई समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
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उधर लक्ष्मणझूला रोड स्थित बगलामुखी पीठ से त्रिवेणीघाट पहुंची शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तों के साथ पीठाधीश्वर राहुलेश्वरानंद रथ में सवार होकर प्रतिमा विसर्जन को पहुंचे। इस दौरान महेश पटेल, हरीश अरोड़ा, मनोज पटेल, सतेंद्र रस्तोगी, लालजी भाई पटेल, आकाश लाड़वा आदि मौजूद थे। इंदिरानगर विस्थापित कॉलोनी से त्रिवेणीघाट तक श्रीगणेश प्रतिमा शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान लोकेश कुमार, अमित शर्मा, शंकर सिंह, संजय कुमार, लक्ष्मी सजवाण, अनीता वर्मा, सुशीला बिष्ट, गीता आदि मौजूद थे।
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त्रिवेणीघाट पर खेली गई फूलों की होली
ऋषिकेश। त्रिवेणीघाट में आयोजित श्रीगणेश महोत्सव के समापन पर रविवार को गणेशजी की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने त्रिवेणीघाट पर फूलों की होली खेली। पंडित जगमोहन मिश्रा ने बताया कि 11 दिवसीय गणेश महोत्सव के समापन अवसर सुबह से गणेश उत्सव में भजन कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। अनुष्ठान में पंडित जगदीश जोशी, गोविंद शर्मा, मणिराम पैन्यूली, सुशील मिश्रा, विनय पांडे आदि मौजूद थे।
व्यापारियों ने किया भंडारे का आयोजन
ऋषिकेश। गणेश उत्सव के समापन अवसर पर स्थानीय व्यवसायियों ने भंडारे का आयोजन किया। रविवार को मुनिकीरेती स्थित शिवानंद राम झूला के निकट भंडारे में तीर्थनगरी के संत महात्माओं और तीर्थयात्रियों ने प्रसाद लिया। तीर्थनगरी के व्यवसायी दीपक बडोनी ने बताया कि स्थानीय व्यवसायी और दिल्ली से तीर्थनगरी पहुंचे शिवभक्तों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान दीपक जोशी, महेंद्र यादव, विक्रांत यादव, योगेश यादव, पिंटू यादव, अनिल यादव, प्रदीप भंडारी आदि मौजूद थे।
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परमार्थ ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
- मिट्टी से बनाए श्रीगणेश को गमले में रखकर रुद्राक्ष का पौधा रोपा
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुुनि के सानिध्य में वीरपुर गुरुकुल के ऋषिकुमारों ने मिट्टी के श्रीगणेश भगवान बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। रविवार को गणेश विसर्जन के अवसर पर मिट्टी से बनाए गए गणेशजी को गमले में रखकर उसमें रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया गया। इस मौके पर आश्रमाध्यक्ष चिदानंद मुनि ने कहा कि गणेश विसर्जन पर ऋषिकुमारों ने श्रीगणेश विसर्जन के साथ रुद्राक्ष के पौधे के सृजन की परंपरा की शुरुआत की है।
उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव में करोड़ों की संख्या में मूर्तियों का विसर्जन जल में किया जाता है। मूर्तियों का निर्माण पेरिस ऑफ प्लास्टर, सीमेंट, सिंथेटिक रंगों व थर्माकोल, क्ले, घास-फूस से किया जाता है। जिससे पदार्थों में विलय घातक रसायन जल स्रोतों को जहरीला बना देते हैं। इसका सीधा प्रभाव जलीय वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं पर पड़ता है। इसके लिए परंपरा को बदलने का समय आ गया है, अब हमें जागरुकता के साथ उत्सव मनाने होंगे, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रह सके। इस दौरान जर्मनी से आई प्रसिद्ध अभिनेत्री एस्टर, जॉबस्ट निग, नंदिनी त्रिपाठी, रूपा राव, फैबियन मोर, नंदबाला आदि मौजूद थे।