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सत्रह सितंबर से आंचल डेरी में अश्चितकालीन हड़ताल
Updated Wed, 12 Sep 2018 09:44 PM IST
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श्रीनगर। 33 माह से वेतन न मिलने से खफा गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेरी) के कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों ने प्रबंधन को अल्टीमेटम देते हुए 17 सितंबर से हड़ताल पर जाने का एलान किया है।
सहकारी दुग्ध संघ कर्मचारी संगठन की आयोजित बैठक में कहा गया कि कर्मचारियों को दिसंबर 2015 से वेतन नहीं मिला है। गत 11 सितंबर को संस्थान के प्रधान प्रबंधक के साथ कर्मचारियों ने वेतन भुगतान के मसले पर वार्ता की, लेकिन प्रबंधक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधक ने साफ कह दिया है कि उन्हें कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है। इससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों के पास हड़ताल के सिवाय अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। यदि 16 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो 17 सितंबर से काम बंद कर दिया जाएगा। निर्णय लिया गया कि संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा आमरण अनशन पर बैठेंगे। जबकि प्रतिदिन एक कर्मचारी क्रमिक अनशन करेगा। कर्मचारियों ने वेतन भुगतान, वीआरएस मांगने वालों को वीआरएस और अवशेष देयकों का भुगतान करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन की महासचिव शकीला रावत, नरेंद्र राणा, मदन मोहन भट्ट, जितेंद्र गुसांई, डीएस रमोला, अशोक नैथानी, सुरेंद्र लाल व अजय नेगी आदि मौजूद थे।
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सहकारी दुग्ध संघ कर्मचारी संगठन की आयोजित बैठक में कहा गया कि कर्मचारियों को दिसंबर 2015 से वेतन नहीं मिला है। गत 11 सितंबर को संस्थान के प्रधान प्रबंधक के साथ कर्मचारियों ने वेतन भुगतान के मसले पर वार्ता की, लेकिन प्रबंधक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधक ने साफ कह दिया है कि उन्हें कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है। इससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों के पास हड़ताल के सिवाय अन्य कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। यदि 16 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो 17 सितंबर से काम बंद कर दिया जाएगा। निर्णय लिया गया कि संगठन के अध्यक्ष अरुण शर्मा आमरण अनशन पर बैठेंगे। जबकि प्रतिदिन एक कर्मचारी क्रमिक अनशन करेगा। कर्मचारियों ने वेतन भुगतान, वीआरएस मांगने वालों को वीआरएस और अवशेष देयकों का भुगतान करने की मांग की। इस अवसर पर संगठन की महासचिव शकीला रावत, नरेंद्र राणा, मदन मोहन भट्ट, जितेंद्र गुसांई, डीएस रमोला, अशोक नैथानी, सुरेंद्र लाल व अजय नेगी आदि मौजूद थे।
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