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पलायन की मार झेल रहे गांवों को विकासित कर बनाए मॉडल विलेज
Updated Wed, 05 Sep 2018 10:12 PM IST
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श्रीनगर। केंद्रीय गढ़वाल विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एससी बागड़ी का कहना है कि पलायन की वजह से खाली हो चुके गांवों को पर्यटन से जोड़कर मॉडल विलेज के रुप में विकसित किया जा सकता है।
फैकल्टी डेवलेपमेंट सेंटर में मालवील नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग के तहत आयोजित ओरिएंटेशन प्रोग्राम फॉर फैकल्टी में प्रो. बागड़ी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने विभिन्न कॉलेजों से आए शिक्षकों से कहा कि इको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन जैसी विधाएं बेरोजगारी और पलायन को रोकने में कारगर साबित होंगी। बेरोजगार युवा समूह बनाकर वीरान पड़े घरों को होम स्टे में विकसित कर सकते हैं। पर्यटन के साथ ही जैविक खेती, पशुपालन एवं हस्तशिल्प के उत्पादन से गांवों को मॉडल विलेज बनाया सकता है। सेंटर की निदेशक प्रो. इंदू पांडेय खंडूड़ी ने कहा कि शिक्षा को सार्थक रुप से आजीविका से जोड़ने के लिए गुणवत्तापरक शिक्षण एवं शोध की आवश्यकता है। इस अवसर पर डा. जीके जोशी, डा. कविता भट्ट, डा. विजय प्रकाश भट्ट, डा. सर्वेश उनियाल व विवेक कुंवर आदि मौजूद थे।
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फैकल्टी डेवलेपमेंट सेंटर में मालवील नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग के तहत आयोजित ओरिएंटेशन प्रोग्राम फॉर फैकल्टी में प्रो. बागड़ी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने विभिन्न कॉलेजों से आए शिक्षकों से कहा कि इको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन जैसी विधाएं बेरोजगारी और पलायन को रोकने में कारगर साबित होंगी। बेरोजगार युवा समूह बनाकर वीरान पड़े घरों को होम स्टे में विकसित कर सकते हैं। पर्यटन के साथ ही जैविक खेती, पशुपालन एवं हस्तशिल्प के उत्पादन से गांवों को मॉडल विलेज बनाया सकता है। सेंटर की निदेशक प्रो. इंदू पांडेय खंडूड़ी ने कहा कि शिक्षा को सार्थक रुप से आजीविका से जोड़ने के लिए गुणवत्तापरक शिक्षण एवं शोध की आवश्यकता है। इस अवसर पर डा. जीके जोशी, डा. कविता भट्ट, डा. विजय प्रकाश भट्ट, डा. सर्वेश उनियाल व विवेक कुंवर आदि मौजूद थे।
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