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मसूरी, खटीमा शहीदों को श्रद्धांजलि दी
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:09 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, श्यामपुर। खदरी में मैत्री स्वयंसेवी संस्था की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा और मसूरी में शहीद आंदोलनकारियों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। ब्लूमिंग बर्ड्स पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मैत्री संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों की बदौलत ही हमें अलग राज्य मिला है। राज्य आंदोलन के दौरान एक सितंबर को खटीमा और दो को मसूरी में कई आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया था।
जोशी ने कहा कि राज्य की बोली, भाषा के संवर्धन और सांस्कृतिक पहचान के लिए ही राज्य आंदोलन हुआ। इसलिए एक व दो सितंबर के दिनों को कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। बताया संस्था इस बारे सरकार से मांग भी करेगी। उन्होंने पहाड़ के लोगों से भी अपने घरों में मातृभाषा गढ़वाली और कुमाऊंनी के उपयोग की अपील भी की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र जेठुड़ी, प्रधानाध्यापिका सुमन जेठुड़ी, सोनिया बुड़ाकोटी, अर्चना नैथानी, सुचिता कुकरेती, प्रमिला रावत, मीनाक्षी जोशी, कुसुम उनियाल, उर्मिला जोशी, सरिता भट्ट, माया देवी, कमला नेगी, संपति देवी आदि मौजूद थे।
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जोशी ने कहा कि राज्य की बोली, भाषा के संवर्धन और सांस्कृतिक पहचान के लिए ही राज्य आंदोलन हुआ। इसलिए एक व दो सितंबर के दिनों को कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। बताया संस्था इस बारे सरकार से मांग भी करेगी। उन्होंने पहाड़ के लोगों से भी अपने घरों में मातृभाषा गढ़वाली और कुमाऊंनी के उपयोग की अपील भी की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक नरेंद्र जेठुड़ी, प्रधानाध्यापिका सुमन जेठुड़ी, सोनिया बुड़ाकोटी, अर्चना नैथानी, सुचिता कुकरेती, प्रमिला रावत, मीनाक्षी जोशी, कुसुम उनियाल, उर्मिला जोशी, सरिता भट्ट, माया देवी, कमला नेगी, संपति देवी आदि मौजूद थे।
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