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दो भाईयों की मौत से दिव्यांग रविंद्र पर टूटा दुखों का पहाड़-compat
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:13 PM IST
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गोपेश्वर। घाट ब्लाक के बरोलीधार में आपदा में दो भाइयों की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों भाइयों की पत्नियों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। दिव्यांग भाई की जिम्मेदारी भी वे उठा रहे थे।
बुधवार को रात करीब नौ बजे गब्बर और सब्बर लाल अपने एक रिश्तेदार के साथ कमरे में खाना खा रहे थे, जबकि उनका 35 वर्षीय दिव्यांग भाई रविंद्र और दोनों भाइयों की पत्नियां व बच्चे पास ही निर्मित रसोईघर में थे। इस दौरान भारी बारिश हो रही थी। अचानक मकान के पीछे से पहाड़ीनुमा ढलान से भूस्खलन हुआ और मकान मलबे में दब गया, जिससे गब्बर और सब्बर लाल की मौत हो गई। दोनों भाइयों की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक सब्बर लाल के दो बेटे और दो बेटियां हैं, जबकि गब्बर लाल के दो बेटे और एक बेटी है। हादसे के बाद से दोनों भाइयों की पत्नियों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गब्बर और सब्बर लाल मेहनत मजदूरी कर अपने दिव्यांग भाई रविंद्र का अपने बच्चों की तरह ही लालन-पालन कर रहे थे। रविंद्र का बायां हिस्सा पूरी तरह से निष्क्रिय है। दोनों भाइयों की मौत के बाद से ही रविंद्र अपने बुरे दिनों को याद कर फूट-फूटकर रो रहा है। वह मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके मकान की ओर जा रहा है और यहां से रोते बिलखते हुए वापस आ रहा है। थराली विधायक मुन्नी देवी शाह ने उनके परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
बुधवार को रात करीब नौ बजे गब्बर और सब्बर लाल अपने एक रिश्तेदार के साथ कमरे में खाना खा रहे थे, जबकि उनका 35 वर्षीय दिव्यांग भाई रविंद्र और दोनों भाइयों की पत्नियां व बच्चे पास ही निर्मित रसोईघर में थे। इस दौरान भारी बारिश हो रही थी। अचानक मकान के पीछे से पहाड़ीनुमा ढलान से भूस्खलन हुआ और मकान मलबे में दब गया, जिससे गब्बर और सब्बर लाल की मौत हो गई। दोनों भाइयों की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक सब्बर लाल के दो बेटे और दो बेटियां हैं, जबकि गब्बर लाल के दो बेटे और एक बेटी है। हादसे के बाद से दोनों भाइयों की पत्नियों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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गब्बर और सब्बर लाल मेहनत मजदूरी कर अपने दिव्यांग भाई रविंद्र का अपने बच्चों की तरह ही लालन-पालन कर रहे थे। रविंद्र का बायां हिस्सा पूरी तरह से निष्क्रिय है। दोनों भाइयों की मौत के बाद से ही रविंद्र अपने बुरे दिनों को याद कर फूट-फूटकर रो रहा है। वह मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके मकान की ओर जा रहा है और यहां से रोते बिलखते हुए वापस आ रहा है। थराली विधायक मुन्नी देवी शाह ने उनके परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
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