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छात्रों ने लिया संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार व संरक्षण का संकल्प
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:44 PM IST
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देवप्रयाग। राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर छात्रों ने संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार व संरक्षण का संकल्प लिया।
बुधवार को संस्कृत सप्ताह के पहले दिन छात्रों ने संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। आयोजित गोष्ठी में छात्रों ने वेदपाठ कर संस्कृत के महत्व और भविष्य पर विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महंत राजेश स्वरूप ने कहा कि हर कोई मनुष्य ज्ञानी है। ज्ञान को कैसे निखारा जाय व उसका सदुपयोग कैसे किया जाय यह मनुष्य की मनोवृत्ति पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि भाषा की महत्ता व उसके भविष्य को देखते हुए भाषा देश व दुनिया के लिए शोध का विषय बनी है। संस्थान के प्राचार्य प्रो. केबी सुब्बरायुडु ने छात्रों को संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित भाव से कार्य करने को कहा है। कहा कि अगले सत्र से संस्थान में जहां छात्रों की संख्या दोगुनी हो जाएगी वहीं परिसर भी सुविधा संपन्न होगा। कार्यक्रम के संयोजक डा. आर बालमुरुगन ने कहा कि संस्कृत सप्ताह में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों की कंठ पाठ, भाषण, एकल गायन आदि प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवाई जाएंगी। इस मौके पर केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजीव वर्मा, जितेंद्र, प्राध्यापक डा. शैलेंद्र उनियाल, डा. नितेश द्विवेदी, डा. मुकेश कुमार, डा. अरविंद गौर, डा. वीरेंद्र बर्त्वाल डा. सुरेश शर्मा, डा. दिनेशचंद्र पांडेय, श्रीओंम शर्मा, पंकज कोटियाल, विजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।
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बुधवार को संस्कृत सप्ताह के पहले दिन छात्रों ने संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। आयोजित गोष्ठी में छात्रों ने वेदपाठ कर संस्कृत के महत्व और भविष्य पर विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महंत राजेश स्वरूप ने कहा कि हर कोई मनुष्य ज्ञानी है। ज्ञान को कैसे निखारा जाय व उसका सदुपयोग कैसे किया जाय यह मनुष्य की मनोवृत्ति पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि भाषा की महत्ता व उसके भविष्य को देखते हुए भाषा देश व दुनिया के लिए शोध का विषय बनी है। संस्थान के प्राचार्य प्रो. केबी सुब्बरायुडु ने छात्रों को संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार के लिए समर्पित भाव से कार्य करने को कहा है। कहा कि अगले सत्र से संस्थान में जहां छात्रों की संख्या दोगुनी हो जाएगी वहीं परिसर भी सुविधा संपन्न होगा। कार्यक्रम के संयोजक डा. आर बालमुरुगन ने कहा कि संस्कृत सप्ताह में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्रों की कंठ पाठ, भाषण, एकल गायन आदि प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवाई जाएंगी। इस मौके पर केंद्रीय लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजीव वर्मा, जितेंद्र, प्राध्यापक डा. शैलेंद्र उनियाल, डा. नितेश द्विवेदी, डा. मुकेश कुमार, डा. अरविंद गौर, डा. वीरेंद्र बर्त्वाल डा. सुरेश शर्मा, डा. दिनेशचंद्र पांडेय, श्रीओंम शर्मा, पंकज कोटियाल, विजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।
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