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सुसवा नदी में जलस्तर बढ़ने से भूकटाव
Updated Mon, 27 Aug 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। बारिश से सुसवा नदी के उफान पर आने से नदी तट से सटी कृषि भूमि पर भूकटाव तेजी से हो रहा है। स्थानीय किसानों की ओर से तहसील प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं होने से किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। देहरादून से आ रही सुसवा नदी इन दिनों पूरे उफान पर है। पिछले पखवाड़े भर से सुसवा नदी के तेज बहाव से स्थानीय किसानों की कई बीघा भूमि का कटाव हो चुका है। भूकटाव होने से कई किसानों की गन्ना और चारे की फसल भी पानी के साथ बह गई है।
खैरी झबरावाला सुसवा नदी के पास किसान भाग सिंह की करीब दस बीघा कृषि भूमि तेज बहाव में बह गई। श्मशान घाट की चारदीवारी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। सिंचाई विभाग की ओर से कुछ साल पहले बनाई गई बांध की दीवार भी पानी के तेज बहाव से जमींदोज हो गई। लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से किसान नाराज हैं। डोईवाला के रमेश वासन ने बताया कि तहसील प्रशासन को लिखित और मौखिक तौर पर अवगत कराने के बाद भी नदी के बहाव को दूसरी ओर करने आदि जरूरी कार्य भी नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि बारिश से तेज बहाव आया तो बड़े पैमाने पर खेती को नुकसान होगा। झबरावाला के किसान रणजोध सिंह ने बताया कि मानसून आने से पहले बाढ़ सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से किसानों को परेशानी उठाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इस बाबत तहसील कार्यालय से बताया गया कि संबधित क्षेत्रों के लेखपालों को मौका मुआयना पर भेजा गया है।
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खैरी झबरावाला सुसवा नदी के पास किसान भाग सिंह की करीब दस बीघा कृषि भूमि तेज बहाव में बह गई। श्मशान घाट की चारदीवारी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। सिंचाई विभाग की ओर से कुछ साल पहले बनाई गई बांध की दीवार भी पानी के तेज बहाव से जमींदोज हो गई। लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से किसान नाराज हैं। डोईवाला के रमेश वासन ने बताया कि तहसील प्रशासन को लिखित और मौखिक तौर पर अवगत कराने के बाद भी नदी के बहाव को दूसरी ओर करने आदि जरूरी कार्य भी नहीं किए गए।
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उन्होंने कहा कि बारिश से तेज बहाव आया तो बड़े पैमाने पर खेती को नुकसान होगा। झबरावाला के किसान रणजोध सिंह ने बताया कि मानसून आने से पहले बाढ़ सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से किसानों को परेशानी उठाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इस बाबत तहसील कार्यालय से बताया गया कि संबधित क्षेत्रों के लेखपालों को मौका मुआयना पर भेजा गया है।
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