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समाज में टूट रही परिवार व्यवस्था पर विचार गोष्ठी का आयोजन
Updated Mon, 27 Aug 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। बजरंग मुनि सामाजिक शोध संस्थान, ऋषिकेश की ओर से रविवार को ज्ञान यज्ञ मंथन कार्यक्रम के तहत संयुक्त परिवार विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। रविवार को दून रोड स्थित संस्थान के प्रबंध कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हवन यज्ञ कुंड में विश्व शांति के लिए आहुतियां डाली गई। कार्यक्रम में विचारक बजरंग मुनि ने बताया कि समाज में व्यक्ति को परिवार से जुड़कर सहजीवन जीना चाहिए। बताया कि परिवार एक से अधिक व्यक्तियों को मिलाकर बनता है। इसलिए परिवार को संगठनात्मक अथवा संस्थागत इकाई माना जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को परिवार व्यवस्था के साथ अवश्य ही जुड़ना चाहिए।
उन्होंने चिंता जताई कि कुछ वर्षों से परिवार नामक व्यवस्था टूट रही है। उसके दुष्परिणाम भी स्वाभाविक हैं, इसे दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। कहा कि भारत में हजारों वर्षों से परिवार व्यवस्था सफलतापूर्वक चल रही है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद परिवार व्यवस्था में समूहों, धर्मगुरु, राजनेता, पश्चिमी संस्कृति और वामपंथी विचारधारा से विकृति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने देश में परिवार व्यवस्था के टूटने की बढ़ रही समस्याओं पर चिंता व्यक्त की।
कार्यक्रम में डॉ. राजे नेगी ने बताया कि संस्थान में प्रत्येक रविवार ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम के तहत पूर्व निर्धारित विषय के आधार पर प्रश्नोत्तर एवं चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर शोध संस्थान के निदेशक आचार्य पंकज, टीकाराम देवरानी, अंकित नैथानी, उत्तम सिंह असवाल, उषा रावत, विनोद जुगलाण, डीपी रतूड़ी, नरेश वर्मा, रमेश लिंगवाल, राजपाल राणा, गोविंद बल्लभ, अजय आर्य, हरिचरण सिंह, एस. रौथाण, अरविंद तिवारी आदि मौजूद थे।
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उन्होंने चिंता जताई कि कुछ वर्षों से परिवार नामक व्यवस्था टूट रही है। उसके दुष्परिणाम भी स्वाभाविक हैं, इसे दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। कहा कि भारत में हजारों वर्षों से परिवार व्यवस्था सफलतापूर्वक चल रही है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद परिवार व्यवस्था में समूहों, धर्मगुरु, राजनेता, पश्चिमी संस्कृति और वामपंथी विचारधारा से विकृति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने देश में परिवार व्यवस्था के टूटने की बढ़ रही समस्याओं पर चिंता व्यक्त की।
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कार्यक्रम में डॉ. राजे नेगी ने बताया कि संस्थान में प्रत्येक रविवार ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम के तहत पूर्व निर्धारित विषय के आधार पर प्रश्नोत्तर एवं चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर शोध संस्थान के निदेशक आचार्य पंकज, टीकाराम देवरानी, अंकित नैथानी, उत्तम सिंह असवाल, उषा रावत, विनोद जुगलाण, डीपी रतूड़ी, नरेश वर्मा, रमेश लिंगवाल, राजपाल राणा, गोविंद बल्लभ, अजय आर्य, हरिचरण सिंह, एस. रौथाण, अरविंद तिवारी आदि मौजूद थे।
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