फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   पंचायत प्रतिनिधियों ने किया क्षेत्र पंचायत की बैठक का बहिष्कार

पंचायत प्रतिनिधियों ने किया क्षेत्र पंचायत की बैठक का बहिष्कार

Fri, 24 Aug 2018 10:44 PM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
पंचायत प्रतिनिधियों ने किया क्षेत्र पंचायत की बैठक का बहिष्कार
घाट (चमोली)। ग्राम पंचायतों का सोशल ऑडिट और एसआईटी जांच कराने के विरोध में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बीडीसी बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधानों ने ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। उन्होंने कहा कि बीडीसी बैठकों के माध्यम से दिए जा रहे प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। गांव आपदा से जूझ रहे हैं और सरकार गांवों में सोशल ऑडिट के नाम पर उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने एसआईटी जांच का आदेश वापस लेने और सोशल ऑडिट सरकारी एजेंसी से कराने की मांग के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
विज्ञापन

ब्लाक सभागार में सुबह 11 बजे से क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरू होनी थी। जिला विकास अधिकारी संजीव कुमार बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे, लेकिन ग्राम प्रधानों ने सदन में पहुंचते ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और सदन से बाहर आ गए। उन्होंने ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। यहां हुई सभा में प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कठैत ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के नाम पर पंचायत प्रतिनिधियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2001 से 2018 तक ग्रामीण क्षेत्र में विधायक, जिला पंचायत, सांसद और जिला योजना निधि से खर्च हुए बजट की जांच की मांग भी उठाई। साथ ही गांवों में विकास का सोशल ऑडिट एनजीओ के बजाय सरकारी एजेंसी की ओर से कराने की मांग उठाई गई। इस मौके पर प्रमुख कर्ण सिंह, कनिष्ठ प्रमुख कृपाल सिंह, मोहन सिंह कंडेरी, देवेंद्र नेगी, मथुरा देवी, दीपा, पुष्कर, कलावती, देवेंद्र, चंद्रीराम, विक्रम, खिलाफ सिंह, दलवीर, सुरेंद्र और पंछी देवी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


इंसेट
लंबित कार्यों के भुगतान की उठी मांग
नारायणबगड़। प्रधान संगठन की बैठक में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा के तहत श्रमांश और सामग्री अंश का भुगतान लंबे समय से नहीं हो पाया है। सरकार भुगतान करने के बजाए सोशल ऑडिट करने में जुटी है। ग्राम प्रधानों ने सोशल ऑडिट सरकारी कर्मियों से करने और एसआईटी जांच में विधायक निधि, सांसद निधि, जिला पंचायत तथा क्षेत्र पंचायत योजनाओं के तहत किए गए कामों को भी शामिल करने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

संगठन के अध्यक्ष एमएन चंदोला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रधानों ने कहा कि सरकार मनरेगा से परेशान प्रधानों को अब एसआईटी जांच के नाम पर प्रताड़ित करने का काम कर रही है, जबकि विधायक निधि के कई काम धरातल पर ही नहीं हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों ने सोशल ऑडिट को एनजीओ के बजाए सरकारी कर्मियों से करने आदि की मांग की। बैठक में नरेंद्र रावत, शीशपाल सिंह और मनमोहन सिंह भंडारी सहित कई प्रधान मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed