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पाठ्यक्रम में शामिल करें अटल की जीवनी

Fri, 24 Aug 2018 02:20 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:20 AM IST
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पाठ्यक्रम में शामिल करें अटल की जीवनी
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी और काव्य संग्रह को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग पर एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने मांग के समर्थन में तहसील में नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।

यूनियन के जिलाध्यक्ष विमल तोमर और महामंत्री पंजाब सिंह मजीठिया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को एक नई पहचान दिलाई है। उनका पूरा जीवन देश को समर्पित था। वह एक कवि होने के साथ ही अच्छे पत्रकार, वक्ता और राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने कई ऐसी कविताएं लिखी जो मनुष्य हृदय के बेहद करीब हैं। ऐसे में सरकार को उनकी कविताओं को पाठ्य पुस्तकों में शामिल करना चाहिए। कक्षा आठ तक अनिवार्य रूप से उनकी जीवनी और कविताओं को छात्रों को पढ़ाया जाना चाहिए। जिससे आने वाली पीढ़ी भी उनके बारे में जान सकेगी। इस मौके पर संजय पंवार, हरवीर चौधरी, कृष्ण कुमार, संजू, नवीन, सुनील, कश्मीरी, तोताराम, रविंद्र, नीरज, कृष्ण कुमार, सचिन, धर्मेंद्र आदि मौजूद रहे।
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