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चकराता में कृषि क्रय केंद्र खोलने की मांग
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
क्षेत्र में कृषि क्रय केंद्र खोलने की मांग पर काश्तकारों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा कि चकराता 200 से भी अधिक गांव का केंद्र बिंदु है। इन गांव में बड़ी मात्रा में नकदी फसलों का उत्पादन होता है। जिसमें आलू, गोभी, मटर, टमाटर, अदरक, अरबी, आलूबुखारा, सेब, पुलम, खुमानी, चुल्लू, नाशपाती की फसलें प्रमुख हैं। लेकिन क्षेत्र में कृषि क्रय केंद्र न होने से काश्तकारों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पाता। उन्हें फसलें औने पौने दामों पर बेचनी पड़ती है। क्षेत्र में कृषि केंद्र की स्थापना होने से काश्तकारों को फसलों का सही दाम मिल सकेगा। कहा पूर्व में कई बार काश्तकार क्षेत्र में कृषि क्रय केंद्र खोलने की मांग पर विभागीय अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं। लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही दिया जाता रहा है। ज्ञापन भेजने वालों में सरदार सिंह, दौलत सिंह, अमर सिंह, नैन सिंह, सबल सिंह, भगत सिंह, बलराम, संतराम, अभिजीत, राम सिंह, रणवीर रावत, युद्धवीर शर्मा, शेर सिंह आदि शामिल रहे।
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क्षेत्र में कृषि क्रय केंद्र खोलने की मांग पर काश्तकारों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा कि चकराता 200 से भी अधिक गांव का केंद्र बिंदु है। इन गांव में बड़ी मात्रा में नकदी फसलों का उत्पादन होता है। जिसमें आलू, गोभी, मटर, टमाटर, अदरक, अरबी, आलूबुखारा, सेब, पुलम, खुमानी, चुल्लू, नाशपाती की फसलें प्रमुख हैं। लेकिन क्षेत्र में कृषि क्रय केंद्र न होने से काश्तकारों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पाता। उन्हें फसलें औने पौने दामों पर बेचनी पड़ती है। क्षेत्र में कृषि केंद्र की स्थापना होने से काश्तकारों को फसलों का सही दाम मिल सकेगा। कहा पूर्व में कई बार काश्तकार क्षेत्र में कृषि क्रय केंद्र खोलने की मांग पर विभागीय अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं। लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही दिया जाता रहा है। ज्ञापन भेजने वालों में सरदार सिंह, दौलत सिंह, अमर सिंह, नैन सिंह, सबल सिंह, भगत सिंह, बलराम, संतराम, अभिजीत, राम सिंह, रणवीर रावत, युद्धवीर शर्मा, शेर सिंह आदि शामिल रहे।