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क्षेत्रपाल में दो दिन बाद हुई बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:56 PM IST
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गोपेश्वर। क्षेत्रपाल में भूस्खलन के कारण दो दिनों से बंद बदरीनाथ हाईवे बीआरओ ने ढाई घंटे में ही वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे तीर्थयात्रियों ने भी राहत की सांस ली। हाईवे सुचारु होने के बाद 344 तीर्थयात्री बदरीनाथ और 185 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए, जबकि बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे करीब 450 तीर्थयात्रियों को गंतव्य को भेजा गया। हालांकि क्षेत्रपाल में चट्टान साइड अटके टनों मलबे से अभी भी हाईवे को खतरा बना है।
शनिवार को देर रात बारिश के दौरान क्षेत्रपाल में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे बंद हो गया था। सोमवार को यहां बोल्डर की चपेट में आने से जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे यहां हाईवे खोलने का काम बाधित हो गया था। हाईवे बंद होने से पुलिस प्रशासन ने भी तीर्थयात्रियों को जगह-जगह सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। सोमवार को देर शाम तक भी एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) हाईवे सुचारु नहीं कर पाया तो हाईवे खोलने के लिए बीआरओ से मदद मांगी गई। सोमवार रात नौ बजे जोशीमठ से बीआरओ की जेसीबी हाईवे खोलने पहुंची और रात साढ़े ग्यारह बजे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने मात्र ढाई घंटे में ही मशीनों के जरिए हाईवे खोल दिया। सबसे पहले आवश्यक सेवा वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। रात दो बजे तक भारी वाहनों को उनके गंतव्य को भेजा गया, जबकि मंगलवार सुबह छह बजे से यात्रा वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे को पूरी तरह से खोल दिया गया है। हाईवे देश के अंतिम गांव तक सुचारु है।
इंसेट
बीआरओ को दें हाईवे संरक्षण का जिम्मा
गोपेश्वर। क्षेत्रपाल में मलबा आने से दो दिनों से बंद पड़ा बदरीनाथ हाईवे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने ढाई घंटे में ही खोल दिया। जनप्रतिनिधियों ने हाईवे के संरक्षण का जिम्मा पुन: बीआरओ को देने की मांग की। बंड विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, दशोली ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख अयोध्या हटवाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी और क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि पूर्व में बदरीनाथ हाईवे के संरक्षण का जिम्मा बीआरओ के पास था, लेकिन वर्ष 2016 में हाईवे को एनएचआईडीसीएल को सौंप दिया गया। विभाग के पास संसाधनों की कमी बनी है, जिससे हाईवे तत्काल सुचारु करने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं बीआरओ के पास आधुनिक मशीनें हैं। उन्होंने पुन: हाईवे के संरक्षण का जिम्मा बीआरओ को सौंपने की मांग उठाई।
शनिवार को देर रात बारिश के दौरान क्षेत्रपाल में मलबा और बोल्डर आने से हाईवे बंद हो गया था। सोमवार को यहां बोल्डर की चपेट में आने से जेसीबी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे यहां हाईवे खोलने का काम बाधित हो गया था। हाईवे बंद होने से पुलिस प्रशासन ने भी तीर्थयात्रियों को जगह-जगह सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। सोमवार को देर शाम तक भी एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) हाईवे सुचारु नहीं कर पाया तो हाईवे खोलने के लिए बीआरओ से मदद मांगी गई। सोमवार रात नौ बजे जोशीमठ से बीआरओ की जेसीबी हाईवे खोलने पहुंची और रात साढ़े ग्यारह बजे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने मात्र ढाई घंटे में ही मशीनों के जरिए हाईवे खोल दिया। सबसे पहले आवश्यक सेवा वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। रात दो बजे तक भारी वाहनों को उनके गंतव्य को भेजा गया, जबकि मंगलवार सुबह छह बजे से यात्रा वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे को पूरी तरह से खोल दिया गया है। हाईवे देश के अंतिम गांव तक सुचारु है।
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बीआरओ को दें हाईवे संरक्षण का जिम्मा
गोपेश्वर। क्षेत्रपाल में मलबा आने से दो दिनों से बंद पड़ा बदरीनाथ हाईवे बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने ढाई घंटे में ही खोल दिया। जनप्रतिनिधियों ने हाईवे के संरक्षण का जिम्मा पुन: बीआरओ को देने की मांग की। बंड विकास संगठन के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, दशोली ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख अयोध्या हटवाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी और क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि पूर्व में बदरीनाथ हाईवे के संरक्षण का जिम्मा बीआरओ के पास था, लेकिन वर्ष 2016 में हाईवे को एनएचआईडीसीएल को सौंप दिया गया। विभाग के पास संसाधनों की कमी बनी है, जिससे हाईवे तत्काल सुचारु करने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं बीआरओ के पास आधुनिक मशीनें हैं। उन्होंने पुन: हाईवे के संरक्षण का जिम्मा बीआरओ को सौंपने की मांग उठाई।
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