{"_id":"5b73473b42c792733a40c6b9","slug":"153428152318-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यासी परियोजना के श्रमिकों ने निकाला कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यासी परियोजना के श्रमिकों ने निकाला कैंडल मार्च
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
राज्य सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में शनिवार को व्यासी बांध परियोजना से जुड़े श्रमिकों ने कैंडल मार्च निकाला। श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संविदा श्रमिक संघ के बैनर तले प्रोजेक्ट साइट सिलोन से शुरू हुआ कैंडल मार्च जुड्डो में पहुंच संपन्न हुआ।
संघ के शाखा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर और सचिव दिनेश तोमर ने कहा कि राज्य सरकार के पास अब तक हाईड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े श्रमिकों के लिए कोई नीति नहीं है। जबकि, व्यासी बांध परियोजना का निर्माण कार्य 2014 से शुरू हो चुका है। स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण मजूदरों को उनका हक नहीं मिल रहा है। साथ ही मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। कई बार संघ से जुड़े श्रमिक न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग पर उपजिलाधिकारी और श्रम सचिव के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेज चुके हैं। लेकिन अब तक उनकी न्यूनतम मजदूरी नहीं बढ़ सकी है। छह मार्च को न्यूनतम मजदूरी के लिए पुर्ननिरीक्षित बोर्ड के पांच साल पूरे हो चुके हैं। बावजूद अब तक न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति की बैठक नहीं हुई है। मजदूरों का शोषण कर मालिकों और कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर ने प्रोजेक्ट एरिया में कार्यरत मजदूरों को केंद्र के समान वेतन भत्ते देने की मांग की।
कैंडल मार्च निकालने वालों में प्रताप तोमर, बलवंत रावत, विजय चौहान, कमलेश तोमर, शेर सिंह, चैन सिंह तोमर, राजपाल तोमर, संजय चौहान, प्रदीप उनियाल, रामपाल तोमर, कमलेश्वर प्रसाद, केदार सिंह, रणजोत चौहान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्य सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में शनिवार को व्यासी बांध परियोजना से जुड़े श्रमिकों ने कैंडल मार्च निकाला। श्रमिकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। संविदा श्रमिक संघ के बैनर तले प्रोजेक्ट साइट सिलोन से शुरू हुआ कैंडल मार्च जुड्डो में पहुंच संपन्न हुआ।
संघ के शाखा अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर और सचिव दिनेश तोमर ने कहा कि राज्य सरकार के पास अब तक हाईड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े श्रमिकों के लिए कोई नीति नहीं है। जबकि, व्यासी बांध परियोजना का निर्माण कार्य 2014 से शुरू हो चुका है। स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण मजूदरों को उनका हक नहीं मिल रहा है। साथ ही मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। कई बार संघ से जुड़े श्रमिक न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग पर उपजिलाधिकारी और श्रम सचिव के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेज चुके हैं। लेकिन अब तक उनकी न्यूनतम मजदूरी नहीं बढ़ सकी है। छह मार्च को न्यूनतम मजदूरी के लिए पुर्ननिरीक्षित बोर्ड के पांच साल पूरे हो चुके हैं। बावजूद अब तक न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति की बैठक नहीं हुई है। मजदूरों का शोषण कर मालिकों और कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह तोमर ने प्रोजेक्ट एरिया में कार्यरत मजदूरों को केंद्र के समान वेतन भत्ते देने की मांग की।
विज्ञापन
कैंडल मार्च निकालने वालों में प्रताप तोमर, बलवंत रावत, विजय चौहान, कमलेश तोमर, शेर सिंह, चैन सिंह तोमर, राजपाल तोमर, संजय चौहान, प्रदीप उनियाल, रामपाल तोमर, कमलेश्वर प्रसाद, केदार सिंह, रणजोत चौहान आदि शामिल रहे।
विज्ञापन