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परियोजना कंपनी के साथ वार्ता विफल, 15 अगस्त से आमरण अनशन
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:04 PM IST
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श्रीनगर। जल विद्युत परियोजना प्रभावितों की तहसील प्रशासन की मध्यस्थता में कंपनी प्रशासन से वार्ता विफल हो गई है। उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार मंच के संयोजक दौलत कुंवर ने 15 अगस्त से अनशन की चेतावनी दी है।
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित रोजगार, पुनर्वास व पैकेज भुगतान की मांग सहित 16 सूत्री मांगों के लिए आंदोलित हैं। आंदोलनकारी परियोजना पावर हाउस परिसर में धरना दे रहे हैं। मंगलवार को परियोजना प्रभावितों की श्रीनगर तहसील प्रशासन की मध्यस्थता में कंपनी प्रशासन के साथ वार्ता हुई। वार्ता पहले बिंदु की चर्चा के दौरान ही विफल हो गई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के संयोजक दौलत कुंवर ने पैकेज के चेक दिए जाने के लिए कंपनी प्रशासन को कहा। दौलत कुंवर का कहना था कि कंपनी की ओर से पूर्व में दिए गए चेक बाउंस हो गए थे। वहीं जीवीके कंपनी के मैनेजर राजेंद्र चौहान ने कहा कि वह सभी बिंदुओं का जवाब लेकर वार्ता में आए थे। कंपनी प्रशासन सभी जायज चेकों का भुगतान दो माह के भीतर करने को तैयार है। वार्ता के दौरान एसडीएम मायादत्त जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, कोतवाल एनएस बिष्ट, कंपनी के जनरल मैनेजर प्रोजेक्ट आनंद शाहू, मैनेजर राजेंद्र चौहान व पंकज भट्ट आदि मौजूद थे।
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित रोजगार, पुनर्वास व पैकेज भुगतान की मांग सहित 16 सूत्री मांगों के लिए आंदोलित हैं। आंदोलनकारी परियोजना पावर हाउस परिसर में धरना दे रहे हैं। मंगलवार को परियोजना प्रभावितों की श्रीनगर तहसील प्रशासन की मध्यस्थता में कंपनी प्रशासन के साथ वार्ता हुई। वार्ता पहले बिंदु की चर्चा के दौरान ही विफल हो गई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के संयोजक दौलत कुंवर ने पैकेज के चेक दिए जाने के लिए कंपनी प्रशासन को कहा। दौलत कुंवर का कहना था कि कंपनी की ओर से पूर्व में दिए गए चेक बाउंस हो गए थे। वहीं जीवीके कंपनी के मैनेजर राजेंद्र चौहान ने कहा कि वह सभी बिंदुओं का जवाब लेकर वार्ता में आए थे। कंपनी प्रशासन सभी जायज चेकों का भुगतान दो माह के भीतर करने को तैयार है। वार्ता के दौरान एसडीएम मायादत्त जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, कोतवाल एनएस बिष्ट, कंपनी के जनरल मैनेजर प्रोजेक्ट आनंद शाहू, मैनेजर राजेंद्र चौहान व पंकज भट्ट आदि मौजूद थे।
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