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सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाया सड़क निर्माण मांग
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:56 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक के चार गांवों के लिए तीन साल पहले स्वीकृत 10 किमी सड़क केवल सर्वे तक ही अटकी हुई। ग्रामीणों ने कहा यदि विभाग जल्द सभी प्रक्रियाएं पूरी कर सड़क निर्माण शुरू नहीं करता तो विभाग और सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
कुनेथ की ग्राम प्रधान रीना देवी, बणसोली की जमुना देवी आदि ने कहा कि तीन साल पूर्व कुनेथ, बणसोली, कुंड-डुंग्रा और स्वर्का गांवों के लिए 10 किमी डिम्मर-केलापानी सड़क की स्वीकृति मिली, लेकिन तीन सालों में विभाग केवल सर्वे तक ही सिमटा है। ग्रामीण पुष्कर सिंह रावत, बलवंत सिंह तोपाल, दिनेश लाल आदि का कहना है कि सड़क नहीं होने से ग्रामीण नौली से तीन किमी से अधिक पैदल दूरी नापकर गांव पहुंच रहे हैं। पैदल और खतरनाक रास्ता होने के चलते बीमार और गर्भवती महिलाओं के साथ ही स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग गौचर के सहायक अभियंता मोहम्मद राशिद का कहना है कि सड़क का सर्वे कर एलाइनमेंट की स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद राजस्व, वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वे किया जाएगा, जिसके बाद वन अधिनियम की स्वीकृति के लिए आवेदन किया जाएगा।
कुनेथ की ग्राम प्रधान रीना देवी, बणसोली की जमुना देवी आदि ने कहा कि तीन साल पूर्व कुनेथ, बणसोली, कुंड-डुंग्रा और स्वर्का गांवों के लिए 10 किमी डिम्मर-केलापानी सड़क की स्वीकृति मिली, लेकिन तीन सालों में विभाग केवल सर्वे तक ही सिमटा है। ग्रामीण पुष्कर सिंह रावत, बलवंत सिंह तोपाल, दिनेश लाल आदि का कहना है कि सड़क नहीं होने से ग्रामीण नौली से तीन किमी से अधिक पैदल दूरी नापकर गांव पहुंच रहे हैं। पैदल और खतरनाक रास्ता होने के चलते बीमार और गर्भवती महिलाओं के साथ ही स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग गौचर के सहायक अभियंता मोहम्मद राशिद का कहना है कि सड़क का सर्वे कर एलाइनमेंट की स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद राजस्व, वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वे किया जाएगा, जिसके बाद वन अधिनियम की स्वीकृति के लिए आवेदन किया जाएगा।
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