{"_id":"5b6b25dd4f1c1ba03e8b5c8f","slug":"153374869410-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीटें बढ़ाने की मांग पर छात्रों ने आमरण अनशन किया शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीटें बढ़ाने की मांग पर छात्रों ने आमरण अनशन किया शुरु
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। चार सूत्री मांगों को लेकर दो दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे एनएसयूआई के छात्रों ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सूर्य प्रकाश पुरोहित, छात्र संघ उपाध्यक्ष मिथलेश फर्स्वाण और छात्र नेता सुमित असवाल आमरण अनशन पर बैठे हैं। आक्रोशित छात्रों ने कहा कि श्रीदेव सुमन का कैंपस बने एक वर्ष का समय हो गया है, लेकिन अभी तक कैंपस में नए पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष संदीप भंडारी और छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर बिष्ट के नेतृत्व में छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अनशन स्थल पर हुई सभा में छात्रों ने कहा कि पीजी कालेज में बीए, बीएससी, बीकॉम और बीएड संकाय में सीटें बढ़ाने के लिए एक पखवाड़े से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विवि स्तर पर इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे कई छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। महाविद्यालय में प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत के आश्वासन के बावजूद प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने पुस्तकालय में नई पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग भी की। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनूप सिंह नेगी, मोहित बिष्ट, सौरभ, प्रकाश गड़िया, दिव्या नेगी आदि मौजूद थे।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष संदीप भंडारी और छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर बिष्ट के नेतृत्व में छात्रों ने महाविद्यालय परिसर में श्रीदेव सुमन विवि प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अनशन स्थल पर हुई सभा में छात्रों ने कहा कि पीजी कालेज में बीए, बीएससी, बीकॉम और बीएड संकाय में सीटें बढ़ाने के लिए एक पखवाड़े से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विवि स्तर पर इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे कई छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। महाविद्यालय में प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत के आश्वासन के बावजूद प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई है। उन्होंने पुस्तकालय में नई पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग भी की। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनूप सिंह नेगी, मोहित बिष्ट, सौरभ, प्रकाश गड़िया, दिव्या नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन