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दस अगस्त से स्कूल नहीं भेजेंगे बच्चे
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:44 PM IST
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गैरसैंण। राइंका नैल में अभी तक चक्रीय क्रम के तहत शिक्षक नहीं भेजे गए हैं। इससे नाराज राइंका नैल के अभिभावक संघ ने आकस्मिक बैठक की और दस अगस्त से बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया। अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूल में अध्यापक ही नहीं हैं तो बच्चों को स्कूल भेजना व्यर्थ है। वहीं खंसर घाटी के अन्य आठ स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक 15 अगस्त के बाद से बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
बुधवार को आयोजित बैठक में अभिभावकों ने कहा कि शिक्षकों की मांग के लिए जून में भूखहड़ताल की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया। अब एक अगस्त से छह अगस्त तक छात्र-छात्राओं के साथ रैली निकालकर प्रदर्शन किया तो यहां चक्रीय क्रम में शिक्षक भेजने के निर्देश विभाग ने जारी किए। आदेश के तीन दिन बाद भी एक भी शिक्षक विद्यालय में नहीं पहुंचा। इससे नाराज नैल और देवपुरी गांव के अभिभावकों ने दस अगस्त से शिक्षकों की नियुक्ति होने तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया है। बैठक में फते सिंह, देवेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, पुष्कर सिंह, नरेंद्र सिंह, रूकमा देवी और शकुंतला देवी आदि तमाम अभिभावक मौजूद थे। वहीं खंसर घाटी के अन्य स्कूलों में भी अभी तक चक्रीय क्रम के तहत शिक्षक नहीं भेजे गए हैं।
बुधवार को आयोजित बैठक में अभिभावकों ने कहा कि शिक्षकों की मांग के लिए जून में भूखहड़ताल की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया। अब एक अगस्त से छह अगस्त तक छात्र-छात्राओं के साथ रैली निकालकर प्रदर्शन किया तो यहां चक्रीय क्रम में शिक्षक भेजने के निर्देश विभाग ने जारी किए। आदेश के तीन दिन बाद भी एक भी शिक्षक विद्यालय में नहीं पहुंचा। इससे नाराज नैल और देवपुरी गांव के अभिभावकों ने दस अगस्त से शिक्षकों की नियुक्ति होने तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया है। बैठक में फते सिंह, देवेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, पुष्कर सिंह, नरेंद्र सिंह, रूकमा देवी और शकुंतला देवी आदि तमाम अभिभावक मौजूद थे। वहीं खंसर घाटी के अन्य स्कूलों में भी अभी तक चक्रीय क्रम के तहत शिक्षक नहीं भेजे गए हैं।
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