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पेयजल आपूर्ति बहाल न होने ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
Updated Sun, 05 Aug 2018 03:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
16 दिन बाद भी पेयजल आपूर्ति बहाल न होने पर शनिवार को पजिटिलानी के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण ही अब तक पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ऐसे में ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं कराता तो उन्हें जल संस्थान के दफ्तर में तालाबंदी को बाध्य होना पड़ेगा।
जल संस्थान की लापरवाही कालसी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव की आबादी पर भारी पड़ रही है। 16 दिन बाद भी विभाग क्षतिग्रस्त हुई जाडी-खमरोली-डांडा पेयजल योजना की मरम्मत नहीं करा सका है। जिस कारण योजना से संबंधित ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए दो-तीन किमी दूर स्थित खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा है। उस पर भी उन्हें दूषित पानी ही नसीब हो पा रहा है। कई लोग बारिश के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
16 दिन पूर्व सिजला मोटर मार्ग निर्माण के दौरान पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे सलगा, खमरोली, पजिटिलानी, जिसऊ, सुरेऊ, भंजरा, डांडा, देऊ डांडा, दसेऊ समेत एक दर्जन गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। करीब 4000 की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। देऊ गांव के गोपाल सिंह चौहान, सुरेऊ गांव के टीकम सिंह चौहान, पजिटीलानी के जीतराम शर्मा, सावन सिंह तोमर आदि का कहना है कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। उन्हें कपड़े और बर्तन धोने से लेकर मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी खड्ड पर जाना पड़ रहा है। पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है। दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा सताने लगा है। प्रदर्शन करने वालों में टीकम सिंह चौहान, कुंदन सिंह तोमर, जीतराम शर्मा, राजेश तोमर, रीना देवी, मीना, सीमा, राधा देवी, लक्ष्मी देवी, सुरेश, प्रियंका, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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सड़क पर की गई ब्लास्टिंग से लाइन को खासा नुकसान पहुंचा है। मामले में लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता को पत्र लिख लाइन ठीक करने के लिए लिखा गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। - बीएस रावत, अवर अभियंता जल संस्थान
मामले में कई ग्रामीणों की शिकायत मिली है। लोनिवि और जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे। - बृजेश कुमार तिवारी, उपजिलाधिकारी
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16 दिन बाद भी पेयजल आपूर्ति बहाल न होने पर शनिवार को पजिटिलानी के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जल संस्थान के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण ही अब तक पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। ऐसे में ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं कराता तो उन्हें जल संस्थान के दफ्तर में तालाबंदी को बाध्य होना पड़ेगा।
जल संस्थान की लापरवाही कालसी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव की आबादी पर भारी पड़ रही है। 16 दिन बाद भी विभाग क्षतिग्रस्त हुई जाडी-खमरोली-डांडा पेयजल योजना की मरम्मत नहीं करा सका है। जिस कारण योजना से संबंधित ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए दो-तीन किमी दूर स्थित खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा है। उस पर भी उन्हें दूषित पानी ही नसीब हो पा रहा है। कई लोग बारिश के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
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16 दिन पूर्व सिजला मोटर मार्ग निर्माण के दौरान पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे सलगा, खमरोली, पजिटिलानी, जिसऊ, सुरेऊ, भंजरा, डांडा, देऊ डांडा, दसेऊ समेत एक दर्जन गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। करीब 4000 की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। देऊ गांव के गोपाल सिंह चौहान, सुरेऊ गांव के टीकम सिंह चौहान, पजिटीलानी के जीतराम शर्मा, सावन सिंह तोमर आदि का कहना है कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। उन्हें कपड़े और बर्तन धोने से लेकर मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी खड्ड पर जाना पड़ रहा है। पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है। दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा सताने लगा है। प्रदर्शन करने वालों में टीकम सिंह चौहान, कुंदन सिंह तोमर, जीतराम शर्मा, राजेश तोमर, रीना देवी, मीना, सीमा, राधा देवी, लक्ष्मी देवी, सुरेश, प्रियंका, प्रदीप आदि मौजूद रहे।
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सड़क पर की गई ब्लास्टिंग से लाइन को खासा नुकसान पहुंचा है। मामले में लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता को पत्र लिख लाइन ठीक करने के लिए लिखा गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। - बीएस रावत, अवर अभियंता जल संस्थान
मामले में कई ग्रामीणों की शिकायत मिली है। लोनिवि और जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे। - बृजेश कुमार तिवारी, उपजिलाधिकारी