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जीएसआइ के वैज्ञानिक करेंगे अलकनंदा घाटी का सर्वेक्षण
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:20 PM IST
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श्रीनगर। जीएसआई (भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण) इस माह अलकनंदा घाटी का भू-गर्भीय सर्वेक्षण करेगी। अलकनंदा घाटी के अलावा टीम टिहरी जिले में भिलंगना और नरेंद्रनगर क्षेत्र का भी भू सर्वेक्षण करेगी।
केंद्रीय खान मंत्रालय ने जीएसआई की उत्तराखंड यूनिट को एनुअल फील्ड सीजन प्रोग्राम-2018 के तहत टिहरी जिले के उक्त तीनों क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने को कहा है। इसी क्रम में जीएसआई उत्तराखंड के भू वैज्ञानिकों की टीम संबंधित क्षेत्रों का दौरा करेगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी/एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने पत्र जारी करते हुए संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों, तहसीलदार व उप निदेशक भू गर्भवेता एवं खनन इकाई टिहरी को टीम के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी सर्वेक्षण की तिथि तय नहीं की गई है। एसडीएम कीर्तिनगर नूपुर वर्मा ने भू सर्वेक्षण के लिए पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षकों को भी तैयार रहने को कहा गया है। इधर, विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी ने बताया कि विगत 23 जुलाई को शासन में श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों की समस्या के संबंध में बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें उन्होंने परियोजना नहर से पानी के रिसाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। भू वैज्ञानिकों की टीम को नहर की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। ताकि प्रभावी कदम उठाया जा सके।
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केंद्रीय खान मंत्रालय ने जीएसआई की उत्तराखंड यूनिट को एनुअल फील्ड सीजन प्रोग्राम-2018 के तहत टिहरी जिले के उक्त तीनों क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने को कहा है। इसी क्रम में जीएसआई उत्तराखंड के भू वैज्ञानिकों की टीम संबंधित क्षेत्रों का दौरा करेगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी/एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने पत्र जारी करते हुए संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारियों, तहसीलदार व उप निदेशक भू गर्भवेता एवं खनन इकाई टिहरी को टीम के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी सर्वेक्षण की तिथि तय नहीं की गई है। एसडीएम कीर्तिनगर नूपुर वर्मा ने भू सर्वेक्षण के लिए पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षकों को भी तैयार रहने को कहा गया है। इधर, विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी ने बताया कि विगत 23 जुलाई को शासन में श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावितों की समस्या के संबंध में बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें उन्होंने परियोजना नहर से पानी के रिसाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। भू वैज्ञानिकों की टीम को नहर की स्थिति से अवगत कराया जाएगा। ताकि प्रभावी कदम उठाया जा सके।
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