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मोतीचूर रेंज के डेंजर जोन में भोलों को गुलदार का खतरा
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला/ऋषिकेश।
कांवड़ यात्रा में प्राचीन नीलकंठ महादेव के दर्शनों व जलाभिषेक को पहुंचने वाले विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्तों के सामने राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज का डेंजर जोन किसी खतरे से खाली नहीं होगा। हालांकि हाईवे के पांच किमी वाले हिस्से में सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए राजाजी प्रशासन की ओर से पहली बार कांवड़ियों के भेष में स्वयंसेवक तैनात कर दो हेल्प डेस्क खोले हैं। बावजूद इसके घने टाइगर रिजर्व के जंगल की खुली वन सीमाओं में ‘भोलों’ को गुलदार से खतरा रहेगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में पिछले चार वर्षों के भीतर आदमखोर गुलदार करीब 21 लोगों को मार को मार चुका है, जिसमें दस घटनाएं हाईवे से सटे मोतीचूर और सत्यनारायण क्षेत्र की हैं, जिसके चलते हाईवे का यह हिस्सा डेंजर जोन में तब्दील हो चुका है। हाईवे के इस हिस्से पर राजाजी प्रशासन की ओर से कई जगहों पर साइन बोर्ड लगाकर सुरक्षा चेतावनी देेते हुए अपील की गई है कि वाहन न रोके और वाहनों से न उतरें, किंतु लाखों शिव भक्तों को कांवड़ लेकर इसी हाईवे से पैदल चलकर दिन रात गुजरना है, जिसको लेकर उनकी सुरक्षा अपने आप में सबसे बड़ी चुनौती होगी।
डेंजर जोन में हो चुकी हैं 10 घटनाएं
रायवाला। मोतीचूर जंगल में हाईवे पर लगने वाले रेलवे फाटक के चलते भारी जाम की स्थिति में कांवड़िए जंगल में ही पेड़ों के नीचे आराम के लिए रुक जाते हैं। पार्क प्रशासन ने कांवड़ियों को जागरूक करने के लिए स्वयंसेवकों को इसका जिम्मा सौंपा है। हरिद्वार से आने वाले रास्ते मोतीचूर रेलवे फाटक से रायवाला बाजार तक, वैदिकनगर से लेकर नेपालीफार्म तक और देहरादून की ओर से आने वाले रास्ते छिद्दरवाला से नेपालीफार्म तक करीब पांच किमी. के इस डेंजर जोन में करीब दस वन्यजीव मानव संघर्ष की घटनाएं हो चुकी हैं।
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कांवड़ यात्रा में प्राचीन नीलकंठ महादेव के दर्शनों व जलाभिषेक को पहुंचने वाले विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्तों के सामने राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज का डेंजर जोन किसी खतरे से खाली नहीं होगा। हालांकि हाईवे के पांच किमी वाले हिस्से में सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए राजाजी प्रशासन की ओर से पहली बार कांवड़ियों के भेष में स्वयंसेवक तैनात कर दो हेल्प डेस्क खोले हैं। बावजूद इसके घने टाइगर रिजर्व के जंगल की खुली वन सीमाओं में ‘भोलों’ को गुलदार से खतरा रहेगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में पिछले चार वर्षों के भीतर आदमखोर गुलदार करीब 21 लोगों को मार को मार चुका है, जिसमें दस घटनाएं हाईवे से सटे मोतीचूर और सत्यनारायण क्षेत्र की हैं, जिसके चलते हाईवे का यह हिस्सा डेंजर जोन में तब्दील हो चुका है। हाईवे के इस हिस्से पर राजाजी प्रशासन की ओर से कई जगहों पर साइन बोर्ड लगाकर सुरक्षा चेतावनी देेते हुए अपील की गई है कि वाहन न रोके और वाहनों से न उतरें, किंतु लाखों शिव भक्तों को कांवड़ लेकर इसी हाईवे से पैदल चलकर दिन रात गुजरना है, जिसको लेकर उनकी सुरक्षा अपने आप में सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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डेंजर जोन में हो चुकी हैं 10 घटनाएं
रायवाला। मोतीचूर जंगल में हाईवे पर लगने वाले रेलवे फाटक के चलते भारी जाम की स्थिति में कांवड़िए जंगल में ही पेड़ों के नीचे आराम के लिए रुक जाते हैं। पार्क प्रशासन ने कांवड़ियों को जागरूक करने के लिए स्वयंसेवकों को इसका जिम्मा सौंपा है। हरिद्वार से आने वाले रास्ते मोतीचूर रेलवे फाटक से रायवाला बाजार तक, वैदिकनगर से लेकर नेपालीफार्म तक और देहरादून की ओर से आने वाले रास्ते छिद्दरवाला से नेपालीफार्म तक करीब पांच किमी. के इस डेंजर जोन में करीब दस वन्यजीव मानव संघर्ष की घटनाएं हो चुकी हैं।
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