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खंसर घाटी के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:56 PM IST
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गैरसैंण। खंसर घाटी के राजकीय इंटर कालेज नैल, लाटूगैर, बछुवाबाण, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झूमाखेत और गोगना, आदर्श जूनियर स्कूल दिवागाड़, पत्थरकटा, कन्या जूनियर हाईस्कूल माईथान, काण्डारीखोड़ में शिक्षकों के कई पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में खंसर घाटी के 50 से अधिक गांवों के साढ़े तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
खंसर घाटी विकास संघर्ष समिति ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि सुगम स्थानों के विद्यालयों में कम छात्र संख्या होने पर भी मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं, लेकिन दुर्गम गांवों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों और समिति के पदाधिकारियों ने कहा यदि जल्द घाटी के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में समिति के संयोजक अवतार सिंह पुंडीर, अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, नैणी के प्रधान चंदा देवी, कोशी देवी, जिला पंचायत सदस्या शकुंतला देवी, कोलानी के प्रधान दामोदर प्रसाद भागा देवी और रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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खंसर घाटी विकास संघर्ष समिति ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि सुगम स्थानों के विद्यालयों में कम छात्र संख्या होने पर भी मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं, लेकिन दुर्गम गांवों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों और समिति के पदाधिकारियों ने कहा यदि जल्द घाटी के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जाती तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में समिति के संयोजक अवतार सिंह पुंडीर, अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, नैणी के प्रधान चंदा देवी, कोशी देवी, जिला पंचायत सदस्या शकुंतला देवी, कोलानी के प्रधान दामोदर प्रसाद भागा देवी और रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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