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रुद्रप्रयाग की डॉक्टर पर की गई कार्रवाई का विरोध
Updated Sun, 22 Jul 2018 10:44 PM IST
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श्रीनगर। संयुक्त चिकित्सक संगठन (सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सक) ने जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया है। चिकित्सकों ने इस प्रशासन की मनोबल गिराने वाली कार्रवाई ठहराया।
रविवार को संयुक्त चिकित्सक संगठन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कहा गया कि जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अर्चना वर्मा पर डीएम द्वारा एकतरफा कार्रवाई की है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के संरक्षक डा. बीपी नैथानी ने कहा कि पहाड़ में डॉक्टरों की भारी कमी है। ऐसे में अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों पर काम का बोझ अधिक होता है। संसाधनों का अभाव और परिस्थिति को समझे बगैर डॉक्टर के खिलाफ शीघ्रता में लिए गए निर्णय से अन्य डॉक्टरों के मनोबल पर असर पड़ता है। यदि किसी कारणवश मरीज के साथ कोई घटना हो जाती है, तो उसकी सर्वप्रथम मजिस्ट्रेटी जांच के साथ ही विभागीय जांच होनी चाहिए। रुद्रप्रयाग के प्रकरण मेें जिला प्रशासन ने जल्दबाजी की। इस अवसर पर डा. गरिमा नैथानी, डा. कमलेश भारती, डा. केके गुप्ता, डा. हरीश भट्ट, डा. प्रशांत व डा. लोकेश सलूजा आदि मौजूद थे।
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रविवार को संयुक्त चिकित्सक संगठन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कहा गया कि जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अर्चना वर्मा पर डीएम द्वारा एकतरफा कार्रवाई की है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के संरक्षक डा. बीपी नैथानी ने कहा कि पहाड़ में डॉक्टरों की भारी कमी है। ऐसे में अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों पर काम का बोझ अधिक होता है। संसाधनों का अभाव और परिस्थिति को समझे बगैर डॉक्टर के खिलाफ शीघ्रता में लिए गए निर्णय से अन्य डॉक्टरों के मनोबल पर असर पड़ता है। यदि किसी कारणवश मरीज के साथ कोई घटना हो जाती है, तो उसकी सर्वप्रथम मजिस्ट्रेटी जांच के साथ ही विभागीय जांच होनी चाहिए। रुद्रप्रयाग के प्रकरण मेें जिला प्रशासन ने जल्दबाजी की। इस अवसर पर डा. गरिमा नैथानी, डा. कमलेश भारती, डा. केके गुप्ता, डा. हरीश भट्ट, डा. प्रशांत व डा. लोकेश सलूजा आदि मौजूद थे।
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