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मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भी संकट
Updated Sun, 22 Jul 2018 10:44 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एक और विभाग फैकल्टी विहीन हो जाएगा। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एकमात्र सहायक प्रोफेसर डा. रोहित सचदेव ने इस्तीफा दे दिया है। अब वह एक माह के नोटिस पीरियड पर संस्थान में सेवा देंगे।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है। फैकल्टी विहीन होने की वजह से कुछ माह पूर्व टीबी एवं चेस्ट रोग, मनोरोग विभाग और फिजीकल मेडिसिन एंड रिहेबिलिटेशन विभाग में ताला लग चुका है। अब माइक्रोबायोलॉजी विभाग भी इसी राह पर है। विभाग के प्रोफेसर लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व दून मेडिकल कॉलेज जा चुके हैं। इसके बाद यहां फैकल्टी में सिर्फ एक ही सहायक प्रो. शेष रह गए। अब उन्होंने भी संस्थान छोड़ने का नोटिस देते हुए इस्तीफा दे दिया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 1-1 प्रोफेसर/एचओडी, एसोसिएट प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर (एमडी) के पद सृजित हैं। दो पद पहले से ही रिक्त चल रहे हैं। अब तीसरा पद भी रिक्त हो जाएगा। भले ही माइक्रोबायोलॉजी नॉन क्लीनिकल विभाग है, लेकिन मरीजों के नमूनों की जांच या एंटीबायोटिक दवाओं के प्रभाव के अध्ययन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज प्रो. सीएम रावत का कहना है कि सहायक प्रो. रोहित सचदेव का संस्थान छोड़ने का नोटिस मिला है। विभिन्न पदों के लिए इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। एक माह में इसकी पूर्ति हो जाएगी। फिलहाल विभाग में मेडिकल एमएससी व पीएचडी अर्हताधारी तीन ट्यूटर हैं। काम प्रभावित नहीं होगा।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है। फैकल्टी विहीन होने की वजह से कुछ माह पूर्व टीबी एवं चेस्ट रोग, मनोरोग विभाग और फिजीकल मेडिसिन एंड रिहेबिलिटेशन विभाग में ताला लग चुका है। अब माइक्रोबायोलॉजी विभाग भी इसी राह पर है। विभाग के प्रोफेसर लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व दून मेडिकल कॉलेज जा चुके हैं। इसके बाद यहां फैकल्टी में सिर्फ एक ही सहायक प्रो. शेष रह गए। अब उन्होंने भी संस्थान छोड़ने का नोटिस देते हुए इस्तीफा दे दिया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 1-1 प्रोफेसर/एचओडी, एसोसिएट प्रोफेसर व सहायक प्रोफेसर (एमडी) के पद सृजित हैं। दो पद पहले से ही रिक्त चल रहे हैं। अब तीसरा पद भी रिक्त हो जाएगा। भले ही माइक्रोबायोलॉजी नॉन क्लीनिकल विभाग है, लेकिन मरीजों के नमूनों की जांच या एंटीबायोटिक दवाओं के प्रभाव के अध्ययन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज प्रो. सीएम रावत का कहना है कि सहायक प्रो. रोहित सचदेव का संस्थान छोड़ने का नोटिस मिला है। विभिन्न पदों के लिए इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। एक माह में इसकी पूर्ति हो जाएगी। फिलहाल विभाग में मेडिकल एमएससी व पीएचडी अर्हताधारी तीन ट्यूटर हैं। काम प्रभावित नहीं होगा।
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