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बजट के अभाव में लटका महिला बेस अस्पताल का निर्माण
Updated Sun, 22 Jul 2018 10:28 PM IST
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कर्णप्रयाग। सिमली में स्वीकृत महिला बेस अस्पताल का निर्माण महज बीम और एक छत डालने तक ही सिमट कर रह गया है। दिसंबर 2018 में पूरे होने वाले बेस अस्पताल के निर्माण में विभाग बजट को रोड़ा बता रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साढ़े 14 करोड़ की लागत से बनने वाले 48 बेड के महिला अस्पताल के लिए अभी तक महज एक करोड़ मिल पाया है।
2016 को सिमली के औद्योगिक क्षेत्र में करीब 100 नाली भूमि पर महिला बेस अस्पताल का निर्माण किया गया। तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने महिला बेस अस्पताल के निर्माण के लिए वर्ष 2017-18 में एक करोड़ की धनराशि जारी की, जिस पर निर्माणदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने यहां काम शुरू किया। 22 माह में स्वास्थ्य विभाग और निर्माणदायी संस्था को अस्पताल निर्माण के लिए अवशेष साढ़े 13 करोड़ में से धनराशि जारी नहीं की गई।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, पूर्व ब्लाक प्रमुख राजेंद्र सिंह सगोई का कहना है कि अस्पताल से चमोली ही नहीं बल्कि अल्मोड़ा, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग सहित आसपास के जिलों को भी लाभ मिलता, लेकिन शासन द्वारा मामले में लापरवाही बरती जा रही है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि जारी अवशेष धनराशि के लिए शासन से मांग की गई है। अवशेष निर्माण कार्य बजट जारी होने के बाद किया जाएगा।
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2016 को सिमली के औद्योगिक क्षेत्र में करीब 100 नाली भूमि पर महिला बेस अस्पताल का निर्माण किया गया। तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने महिला बेस अस्पताल के निर्माण के लिए वर्ष 2017-18 में एक करोड़ की धनराशि जारी की, जिस पर निर्माणदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने यहां काम शुरू किया। 22 माह में स्वास्थ्य विभाग और निर्माणदायी संस्था को अस्पताल निर्माण के लिए अवशेष साढ़े 13 करोड़ में से धनराशि जारी नहीं की गई।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, पूर्व ब्लाक प्रमुख राजेंद्र सिंह सगोई का कहना है कि अस्पताल से चमोली ही नहीं बल्कि अल्मोड़ा, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग सहित आसपास के जिलों को भी लाभ मिलता, लेकिन शासन द्वारा मामले में लापरवाही बरती जा रही है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डा. तृप्ति बहुगुणा ने बताया कि जारी अवशेष धनराशि के लिए शासन से मांग की गई है। अवशेष निर्माण कार्य बजट जारी होने के बाद किया जाएगा।
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