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बाजकुड़ी तोक में होगा झलिया गांव का विस्थापन
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:08 PM IST
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देवाल। आपदा प्रभावित गांव झलिया को हरमल गांव के ऊपर बाजकुड़ी तोक में विस्थापित किया जाएगा। प्रशासन ने बाजकुड़ी तोक का चयन करते हुए यहां भूमि की जांच के लिए बृहस्पतिवार को भूगर्भीय टीम को भेजा है। साथ ही आपदा प्रभावितों के लिए सात टेंट और 15 दिनों की खाद्य सामग्री भी भेजी है।
तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि झलिया गांव की ठीक ऊपर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के मलबे से गांव के नौ मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। प्रभावितों ने प्राथमिक स्कूल और गांव के मंदिर में शरण ले रखी थी। बताया कि दूरस्थ गांव होने के चलते यहां आपदा की सूचना देर से मिली, जिसके बाद राजस्व उपनिरीक्षक को राहत और बचाव सामग्री के साथ भेजा गया है। झलिया गांव को विस्थापित करने के लिए हरमल गांव के ऊपर बाजकुड़ी तोक में भूमि का चयन किया गया। भूगर्भीय रिपोर्ट के बाद यह भूमि विस्थापन के लिए झलिया गांव के ग्रामीणों को आवंटित कर दी जाएगी।
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तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि झलिया गांव की ठीक ऊपर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के मलबे से गांव के नौ मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। प्रभावितों ने प्राथमिक स्कूल और गांव के मंदिर में शरण ले रखी थी। बताया कि दूरस्थ गांव होने के चलते यहां आपदा की सूचना देर से मिली, जिसके बाद राजस्व उपनिरीक्षक को राहत और बचाव सामग्री के साथ भेजा गया है। झलिया गांव को विस्थापित करने के लिए हरमल गांव के ऊपर बाजकुड़ी तोक में भूमि का चयन किया गया। भूगर्भीय रिपोर्ट के बाद यह भूमि विस्थापन के लिए झलिया गांव के ग्रामीणों को आवंटित कर दी जाएगी।
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