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सोलपट्टी के गांवों में बचा है महज एक हफ्ते का राशन-compat
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:36 PM IST
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थराली। सोलपट्टी के 10 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली सड़क थराली-डुुंग्री-रतगांव का अधिकांश हिस्सा आपदा लील गई। सड़क पर एक बड़ा लोहे का मोटर पुल भी बह गया। क्षेत्र का एक मात्र बाजार ढाडरबगड़ पूरा बह गया। ऐसे में गांवों में अब राशन का संकट बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में महज एक सप्ताह का राशन शेष है। यदि समय पर राशन और अन्य व्यवस्थाएं नहीं हो पाईं तो ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं।
मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण मनमोहन सिंह, महावीर सिंह, कलम सिंह आदि ने बताया कि क्षेत्र के रणकोट, रतगांव, बुरसोल, रूइसाण सहित 10 से अधिक गांवों में आलू और चौलाई की खेती अधिक की जाती है, लिहाजा यहां ग्रामीणों के पास गेहूं और धान उपलब्ध नहीं होता है। ग्रामीण सरकारी राशन के अलावा ढाडरबगड़ बाजार पर पूरी तरह निर्भर रहते थे। विभाग द्वारा उन्हें जुलाई माह का राशन वितरित किया गया था। जो अब खत्म होने वाला है। एक सप्ताह तक का ही राशन गांवों में बचा है। ऐसे में यदि सड़क और पैदल रास्तों की मरम्मत समय पर नहीं की जाती तो क्षेत्र में राशन का संकट बन सकता है। दूसरी ओर जिला पूर्ति अधिकारी शिल्पी शुक्ला ने बताया कि बरसात में अगस्त माह तक राशन बांटने के निर्देश सभी पूर्ति निरीक्षकों को दिए गए थे। यदि क्षेत्र में राशन नहीं बंटा तो इसकी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे ग्रामीण मनमोहन सिंह, महावीर सिंह, कलम सिंह आदि ने बताया कि क्षेत्र के रणकोट, रतगांव, बुरसोल, रूइसाण सहित 10 से अधिक गांवों में आलू और चौलाई की खेती अधिक की जाती है, लिहाजा यहां ग्रामीणों के पास गेहूं और धान उपलब्ध नहीं होता है। ग्रामीण सरकारी राशन के अलावा ढाडरबगड़ बाजार पर पूरी तरह निर्भर रहते थे। विभाग द्वारा उन्हें जुलाई माह का राशन वितरित किया गया था। जो अब खत्म होने वाला है। एक सप्ताह तक का ही राशन गांवों में बचा है। ऐसे में यदि सड़क और पैदल रास्तों की मरम्मत समय पर नहीं की जाती तो क्षेत्र में राशन का संकट बन सकता है। दूसरी ओर जिला पूर्ति अधिकारी शिल्पी शुक्ला ने बताया कि बरसात में अगस्त माह तक राशन बांटने के निर्देश सभी पूर्ति निरीक्षकों को दिए गए थे। यदि क्षेत्र में राशन नहीं बंटा तो इसकी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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