{"_id":"5b4d03234f1c1b6f548b4f22","slug":"153177372816-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में नहीं फॉर्मासिस्ट और डॉक्टर, फूटा गुस्सा, तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में नहीं फॉर्मासिस्ट और डॉक्टर, फूटा गुस्सा, तालाबंदी
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया।
एलोपैथिक अस्पताल दसऊ में तैनात स्टॉफ के नियमित रुप से अस्पताल में नहीं आने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में तालाबंदी कर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। डॉक्टर और फॉर्मासिस्ट के नियमित रुप से नहीं आने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में तैनात डॉ. चारू गुप्ता एक माह से ट्रेनिंग पर चल रहीं है, जबकि दूसरी डॉ. शालिनी छुट्टी पर हैं। वहीं फार्मासिस्ट चंद्र मोहन राणा को किसी अन्य जगह से संबंद्ध किया गया है। ऐसे में अस्पताल में महज एक ही फार्मासिस्ट सीमा भट्ट की तैनाती है। लेकिन वह भी महीने में चार से छह दिन ही अस्पताल आती है। इस कारण लोगों को अस्पताल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल से 15 गांव की आबादी जुड़ी है। अस्पताल में फॉर्मासिस्ट और डॉक्टर के न होने से लोगों को सर्दी, जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए भी 50 किमी दूर सीएचसी साहिया जाना पड़ता है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी चकराता एमएस राय का कहना है कि शिकायत मिली है। जांच कराई जाएगी।
तालाबंदी करने वालों में सिंगाराम नाटियाल, प्रीतम सिंह, करम सिंह, कपाल सिंह, बहादुर सिंह, रण सिंह, शूरवीर सिंह, विरेंद्र सिंह, दारा सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एलोपैथिक अस्पताल दसऊ में तैनात स्टॉफ के नियमित रुप से अस्पताल में नहीं आने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल में तालाबंदी कर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। डॉक्टर और फॉर्मासिस्ट के नियमित रुप से नहीं आने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल में तैनात डॉ. चारू गुप्ता एक माह से ट्रेनिंग पर चल रहीं है, जबकि दूसरी डॉ. शालिनी छुट्टी पर हैं। वहीं फार्मासिस्ट चंद्र मोहन राणा को किसी अन्य जगह से संबंद्ध किया गया है। ऐसे में अस्पताल में महज एक ही फार्मासिस्ट सीमा भट्ट की तैनाती है। लेकिन वह भी महीने में चार से छह दिन ही अस्पताल आती है। इस कारण लोगों को अस्पताल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल से 15 गांव की आबादी जुड़ी है। अस्पताल में फॉर्मासिस्ट और डॉक्टर के न होने से लोगों को सर्दी, जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए भी 50 किमी दूर सीएचसी साहिया जाना पड़ता है।
विज्ञापन
प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी चकराता एमएस राय का कहना है कि शिकायत मिली है। जांच कराई जाएगी।
तालाबंदी करने वालों में सिंगाराम नाटियाल, प्रीतम सिंह, करम सिंह, कपाल सिंह, बहादुर सिंह, रण सिंह, शूरवीर सिंह, विरेंद्र सिंह, दारा सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन