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डॉ. उषा कटियार के काव्य संग्रह निर्झरा का विमोचन
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
गढ़वाल महासभा के तत्वावधान में रचनाकार व संगीतज्ञ डॉ. उषा कटियार के काव्य संग्रह ‘निर्झरा’ का राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी, आचार्य पंकज, साहित्यकार डॉ. उमेश चमोला और गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने संयुक्त रूप से विमोचन किया। बताया गया कि कटियार के इस पहले काव्य संग्रह में विभिन्न विषय वस्तु पर आधारित करीब 50 से अधिक कविताएं व क्षणिकाओं को शामिल किया गया है। इस अवसर पर कहा गया कि साहित्यकार समाज का मार्गदर्शक होता है।
इस अवसर पर रचनाकार डॉ. उषा कटियार ने बताया कि यह उनका पहला काव्य संकलन है। समाज व आसपास की विषय, वस्तु व घटनाओं ने उन्हें रचनाकर्म के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रसर होकर अपनी प्रतिभा से समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। बताया कि आयोग द्वारा जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्त कानून लाया जा रहा है, जिससे काफी हद तक स्कूल प्रबंधन पर नकेल कसी जा सकेगी।
साहित्यिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य पंकज ने पुस्तक की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि काव्य संग्रह के माध्यम से लेखिका डॉ. कटियार ने अपनी रचनाओं में पाठकों की हर दिनचर्या के साथ ही प्राकृतिक सुंदरता, देशभक्ति, त्योहारों, शिक्षा, खेल आदि अनेक पहलुओं को छूने की कोशिश की है। यहां आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल, उत्तम सिंह असवाल, डॉ. संजीव चेतन, डॉ. एमपी जोशी, कमल सिंह राणा, उषा रावत, सरोज डिमरी, रवि कुमार जैन, मनोहर सिंह चौहान, दीपक शर्मा, कमलेश गुप्ता, महेश चिटकरिया, सुनील थपलियाल, वीरेंद्र नौटियाल, हर्षित गुप्ता, दीपक शर्मा आदि मौजूद थे।
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गढ़वाल महासभा के तत्वावधान में रचनाकार व संगीतज्ञ डॉ. उषा कटियार के काव्य संग्रह ‘निर्झरा’ का राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी, आचार्य पंकज, साहित्यकार डॉ. उमेश चमोला और गढ़वाल महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने संयुक्त रूप से विमोचन किया। बताया गया कि कटियार के इस पहले काव्य संग्रह में विभिन्न विषय वस्तु पर आधारित करीब 50 से अधिक कविताएं व क्षणिकाओं को शामिल किया गया है। इस अवसर पर कहा गया कि साहित्यकार समाज का मार्गदर्शक होता है।
इस अवसर पर रचनाकार डॉ. उषा कटियार ने बताया कि यह उनका पहला काव्य संकलन है। समाज व आसपास की विषय, वस्तु व घटनाओं ने उन्हें रचनाकर्म के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रसर होकर अपनी प्रतिभा से समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। बताया कि आयोग द्वारा जल्द ही शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्त कानून लाया जा रहा है, जिससे काफी हद तक स्कूल प्रबंधन पर नकेल कसी जा सकेगी।
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साहित्यिक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य पंकज ने पुस्तक की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि काव्य संग्रह के माध्यम से लेखिका डॉ. कटियार ने अपनी रचनाओं में पाठकों की हर दिनचर्या के साथ ही प्राकृतिक सुंदरता, देशभक्ति, त्योहारों, शिक्षा, खेल आदि अनेक पहलुओं को छूने की कोशिश की है। यहां आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल, उत्तम सिंह असवाल, डॉ. संजीव चेतन, डॉ. एमपी जोशी, कमल सिंह राणा, उषा रावत, सरोज डिमरी, रवि कुमार जैन, मनोहर सिंह चौहान, दीपक शर्मा, कमलेश गुप्ता, महेश चिटकरिया, सुनील थपलियाल, वीरेंद्र नौटियाल, हर्षित गुप्ता, दीपक शर्मा आदि मौजूद थे।
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