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विद्यालय प्रबंधन पर स्कूल भवन को तोड़ने का आरोप
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
ग्राम पंचायत खरोड़ा के ग्रामीणों ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और ठेकेदार पर विद्यालय भवन को तोड़ने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत जिला परियोजना अधिकारी से की है।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन ठीक होने के बावजूद सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए तोड़ने का प्रयास किया रहा है। स्कूल भवन की छत क्षतिग्रस्त है। जिसे मेंटीनेंस कार्य कर ठीक किया जा सकता है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों को जो रिपोर्ट भेजी उसमें भवन को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त दिखाया गया था, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ग्यारू डिमरी का कहना है कि वर्ष 1986 में विद्यालय भवन का निर्माण किया गया था। जिसके बाद इसकी कोई सुध नहीं ली गई। जिसके चलते अब छत जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बरसात में छत टपकने लगती है। दीवारों में भी दरार हैं। भविष्य में कोई दुर्घटना न हो इसके लिए स्कूल को डिस्पोज करना जरूरी हो गया है।
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उपखंड शिक्षाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि फिलहाल भवन को तोड़ने के काम पर रोक लगा दी गई है। जिला परियोजना के सहायक और अवर अभियंता मौके पर जाकर भवन की जांच करेंगे। जिसके बाद अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
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ग्राम पंचायत खरोड़ा के ग्रामीणों ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और ठेकेदार पर विद्यालय भवन को तोड़ने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत जिला परियोजना अधिकारी से की है।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल भवन ठीक होने के बावजूद सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए तोड़ने का प्रयास किया रहा है। स्कूल भवन की छत क्षतिग्रस्त है। जिसे मेंटीनेंस कार्य कर ठीक किया जा सकता है, लेकिन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने विभागीय अधिकारियों को जो रिपोर्ट भेजी उसमें भवन को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त दिखाया गया था, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
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वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ग्यारू डिमरी का कहना है कि वर्ष 1986 में विद्यालय भवन का निर्माण किया गया था। जिसके बाद इसकी कोई सुध नहीं ली गई। जिसके चलते अब छत जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बरसात में छत टपकने लगती है। दीवारों में भी दरार हैं। भविष्य में कोई दुर्घटना न हो इसके लिए स्कूल को डिस्पोज करना जरूरी हो गया है।
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उपखंड शिक्षाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि फिलहाल भवन को तोड़ने के काम पर रोक लगा दी गई है। जिला परियोजना के सहायक और अवर अभियंता मौके पर जाकर भवन की जांच करेंगे। जिसके बाद अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।