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दिनभर पहाड़ी से लुढ़कते रहे पत्थर
Updated Wed, 04 Jul 2018 02:04 AM IST
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एक घंटा सड़क पर बाधित रहा यातायात
ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
बारिश के बीच कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास दिनभर पहाड़ी से पत्थरों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। जिसके चलते सड़क पर मंगलवार सुबह आठ बजे से नौ बजे तक करीब एक घंटा यातायात बाधित रहा। इसके बाद भी दिनभर रूक-रूक कर पहाड़ी से पत्थर लुढ़कते रहे। लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क का यह हिस्सा पार करना पड़ा।
मालूूम हो कि कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा बेहद संवेदनशील है। बरसात शुरू होते ही इस हिस्से पर पहाड़ी के दरकने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बीते सोमवार की सुबह हुई बारिश के बाद लगातार पहाड़ी से पत्थर दरक कर नीचे लुढ़क रहे हैं। जिसके चलते सड़क पर सफर करना खतरों से खाली नहीं है। सुबह क्षेत्र में हुई बारिश के बाद यह हिस्सा एक बार फिर सक्रिय हो गया। सुबह आठ से नौ बजे तक तेज आवाज के साथ पहाड़ी से पत्थर लुढ़कते रहे। जिसके चलते एहतियात के तौर पर लोनिवि ने सड़क के दोनों ओर वाहनों का आवागमन रोक दिया। सुबह 10 बजे के बाद पत्थरों के लुढ़कने की रफ्तार कम होने पर यातायात को आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
बारिश के बीच कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास दिनभर पहाड़ी से पत्थरों के लुढ़कने का सिलसिला जारी रहा। जिसके चलते सड़क पर मंगलवार सुबह आठ बजे से नौ बजे तक करीब एक घंटा यातायात बाधित रहा। इसके बाद भी दिनभर रूक-रूक कर पहाड़ी से पत्थर लुढ़कते रहे। लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क का यह हिस्सा पार करना पड़ा।
मालूूम हो कि कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा बेहद संवेदनशील है। बरसात शुरू होते ही इस हिस्से पर पहाड़ी के दरकने का सिलसिला शुरू हो जाता है। बीते सोमवार की सुबह हुई बारिश के बाद लगातार पहाड़ी से पत्थर दरक कर नीचे लुढ़क रहे हैं। जिसके चलते सड़क पर सफर करना खतरों से खाली नहीं है। सुबह क्षेत्र में हुई बारिश के बाद यह हिस्सा एक बार फिर सक्रिय हो गया। सुबह आठ से नौ बजे तक तेज आवाज के साथ पहाड़ी से पत्थर लुढ़कते रहे। जिसके चलते एहतियात के तौर पर लोनिवि ने सड़क के दोनों ओर वाहनों का आवागमन रोक दिया। सुबह 10 बजे के बाद पत्थरों के लुढ़कने की रफ्तार कम होने पर यातायात को आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
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