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प्रशासन से की पब्लिक स्कूलों की मनमानी रोकने की मांग
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन ने स्थानीय प्रशासन से पब्लिक स्कूलों से जुड़े मामलों में पूर्व में हुए समझौते के अनुसार विद्यालयों में नियम लागू कराने की मांग की है। उन्होंने दो दिन में इस दिशा में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सोमवार को उपजिलाधिकारी हर गिरि को सौंपे गए ज्ञापन में रवि कुमार जैन ने बताया कि पूर्व में महासंघ द्वारा किए गए आमरण अनशन के दौरान निजी विद्यालयों में शुल्क बढ़ोतरी आदि मामलों में नियम लागू करने की शर्तें रखी गई थी।
इस दौरान तय किया गया था कि सभी विद्यालय फीस कॉशनमनी, री-एडमिशन फीस का ब्यौरा अभिभावकों से अनुमोदित कराएंगे। इसके अलावा 15 मई तक पब्लिक स्कूलों में अभिभावक-अध्यापक संघ का गठन आम चुनाव के द्वारा उपजिलाधिकारी और शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में किया जाना निर्धारित किया गया था। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी विद्यालयों में पीटीए का गठन नहीं हुआ है। बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद दोबारा पब्लिक स्कूलों में फीस का दबाव अभिभावकों पर बढ़ाया जाने लगा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से दो दिन में पूर्व में हुए समझौते के अनुसार विद्यालयों में नियम लागू कराने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि ऐसा नहीं किया गया तो महासंघ दोबारा आंदोलन करेगा।
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उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन ने स्थानीय प्रशासन से पब्लिक स्कूलों से जुड़े मामलों में पूर्व में हुए समझौते के अनुसार विद्यालयों में नियम लागू कराने की मांग की है। उन्होंने दो दिन में इस दिशा में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सोमवार को उपजिलाधिकारी हर गिरि को सौंपे गए ज्ञापन में रवि कुमार जैन ने बताया कि पूर्व में महासंघ द्वारा किए गए आमरण अनशन के दौरान निजी विद्यालयों में शुल्क बढ़ोतरी आदि मामलों में नियम लागू करने की शर्तें रखी गई थी।
इस दौरान तय किया गया था कि सभी विद्यालय फीस कॉशनमनी, री-एडमिशन फीस का ब्यौरा अभिभावकों से अनुमोदित कराएंगे। इसके अलावा 15 मई तक पब्लिक स्कूलों में अभिभावक-अध्यापक संघ का गठन आम चुनाव के द्वारा उपजिलाधिकारी और शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में किया जाना निर्धारित किया गया था। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी विद्यालयों में पीटीए का गठन नहीं हुआ है। बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद दोबारा पब्लिक स्कूलों में फीस का दबाव अभिभावकों पर बढ़ाया जाने लगा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से दो दिन में पूर्व में हुए समझौते के अनुसार विद्यालयों में नियम लागू कराने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि ऐसा नहीं किया गया तो महासंघ दोबारा आंदोलन करेगा।
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