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पेंशनधारकों की पेंशन पर लटकी तलवार
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:12 AM IST
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- अधिकारियों को अब भौतिक सत्यापन करने के लिए तिथि बढ़ने का इंतजार
- विधवा, वृद्ध, दिव्यांग और किसान पेंशनधारकों की पेंशन पर छा सकता है संकट
अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी/कालसी। अधिकारियों की लापरवाही के चलते विधवा, वृद्ध, दिव्यांग और किसान पेंशनधारकों की पेंशन पर तलवार लटक गई है। भौतिक सत्यापन की तिथि को अगर आगे नहीं बढ़ाया गया, तो भौतिक सत्यापन से वंचित रहे पेंशनधारकों को पेंशन से वंचित रहना पड़ सकता है। शनिवार सत्यापन की 30 जून को अंतिम तिथि थी। अधिकारियों ने गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन तो क्या करना था, किसी तरह तहसीलों तक पहुंचें लोगों का भौतिक सत्यापन नहीं किया, ऐसे में इन धारकों के लिए दो वक्त की रोटी के भी लाले पड़ने की संभावना है।
चकराता ब्लॉक में 116 ग्राम पंचायत में केवल 30 प्रतिशत पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन हो पाया है। ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाह के कारण 70 प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन ही नहीं हो पाया। यह हाल तब हैं जबकि जिलाधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदारों को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश जारी किए थे। अब विभागीय अधिकारी इस उम्मीद में हैं कि भौतिक सत्यापन की तिथि आगे बढ़ेगी तो काम में तेजी लाई जाएगी।
चकराता ब्लॉक में 2500 विधवा हजार, वृद्ध 6 हजार, दिव्यांग 100, किसान पेशन धारक 105 हैं, जिन्हें तीन महीने में तीन हजार रुपये पेंशन सरकार देती है। इस संबंध में सहायक समाज कल्याण अधिकारी कुंदन राम आर्य ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाही से पेशनधारकों का सत्यापन कम ही हो सका। इस संबंध में तीन बार पत्र लिखा गया। कहा कि मामले की रिपोर्ट बनाकर समाज कल्याण अधिकारी व जिलाधिकारी को भेजी गई है।
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कालसी में 60 प्रतिशत हुआ सत्यापन
कालसी। विकासखंड कालसी की बात करें तो यहां पर 60 प्रतिशत लाभार्थियों का ही भौतिक सत्यापन हो सका। कालसी के अंतर्गत 111 ग्राम पंचायतों में 40 प्रतिशत पेंशन धारकों की पेंशन पर तलवार लटकी दिख रही है। विभागीय अधिकारी सत्यापन की अंतिम तिथि बढ़ने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। विकासखंड कालसी के अंतर्गत 5500 वृद्धावस्था, 2000 विधवा तथा 1000 दिव्यांग और 65 किसान पेंशन धारक लाभार्थी हैं। भौतिक सत्यापन के तहत लाभार्थियों की जीवित या मृत्यु हो जाने उनकी उम्र संबंधी तथा निवास संबंधी कागजात आदि की जांच की जानी थी, जिनकी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग द्वारा शासन को भेजी जाने पर भविष्य में उनकी पेंशन नियमित रूप से उन्हें दी जानी है।
सत्यापन के तहत शहरी क्षेत्रों में लेखपाल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन का काम किया जाना था। विकासखंड कालसी के अंतर्गत यह कार्य ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा किया जाना था। इस बारे में विकासखंड कालसी के सहायक समाज कल्याण अधिकारी कुंदन राम आर्य ने स्वीकार किया कि अभी तक मात्र 60 प्रतिशत पेंशन लाभार्थियों का ही सत्यापन हो पाया है। उन्होंने संभावना व्यक्त की कि अंतिम तिथि में बढ़ोतरी की जाएगी तथा शीघ्र शत-प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
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- विधवा, वृद्ध, दिव्यांग और किसान पेंशनधारकों की पेंशन पर छा सकता है संकट
अमर उजाला ब्यूरो
त्यूनी/कालसी। अधिकारियों की लापरवाही के चलते विधवा, वृद्ध, दिव्यांग और किसान पेंशनधारकों की पेंशन पर तलवार लटक गई है। भौतिक सत्यापन की तिथि को अगर आगे नहीं बढ़ाया गया, तो भौतिक सत्यापन से वंचित रहे पेंशनधारकों को पेंशन से वंचित रहना पड़ सकता है। शनिवार सत्यापन की 30 जून को अंतिम तिथि थी। अधिकारियों ने गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन तो क्या करना था, किसी तरह तहसीलों तक पहुंचें लोगों का भौतिक सत्यापन नहीं किया, ऐसे में इन धारकों के लिए दो वक्त की रोटी के भी लाले पड़ने की संभावना है।
चकराता ब्लॉक में 116 ग्राम पंचायत में केवल 30 प्रतिशत पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन हो पाया है। ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाह के कारण 70 प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन ही नहीं हो पाया। यह हाल तब हैं जबकि जिलाधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदारों को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश जारी किए थे। अब विभागीय अधिकारी इस उम्मीद में हैं कि भौतिक सत्यापन की तिथि आगे बढ़ेगी तो काम में तेजी लाई जाएगी।
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चकराता ब्लॉक में 2500 विधवा हजार, वृद्ध 6 हजार, दिव्यांग 100, किसान पेशन धारक 105 हैं, जिन्हें तीन महीने में तीन हजार रुपये पेंशन सरकार देती है। इस संबंध में सहायक समाज कल्याण अधिकारी कुंदन राम आर्य ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारियों की लापरवाही से पेशनधारकों का सत्यापन कम ही हो सका। इस संबंध में तीन बार पत्र लिखा गया। कहा कि मामले की रिपोर्ट बनाकर समाज कल्याण अधिकारी व जिलाधिकारी को भेजी गई है।
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कालसी में 60 प्रतिशत हुआ सत्यापन
कालसी। विकासखंड कालसी की बात करें तो यहां पर 60 प्रतिशत लाभार्थियों का ही भौतिक सत्यापन हो सका। कालसी के अंतर्गत 111 ग्राम पंचायतों में 40 प्रतिशत पेंशन धारकों की पेंशन पर तलवार लटकी दिख रही है। विभागीय अधिकारी सत्यापन की अंतिम तिथि बढ़ने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। विकासखंड कालसी के अंतर्गत 5500 वृद्धावस्था, 2000 विधवा तथा 1000 दिव्यांग और 65 किसान पेंशन धारक लाभार्थी हैं। भौतिक सत्यापन के तहत लाभार्थियों की जीवित या मृत्यु हो जाने उनकी उम्र संबंधी तथा निवास संबंधी कागजात आदि की जांच की जानी थी, जिनकी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग द्वारा शासन को भेजी जाने पर भविष्य में उनकी पेंशन नियमित रूप से उन्हें दी जानी है।
सत्यापन के तहत शहरी क्षेत्रों में लेखपाल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन का काम किया जाना था। विकासखंड कालसी के अंतर्गत यह कार्य ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा किया जाना था। इस बारे में विकासखंड कालसी के सहायक समाज कल्याण अधिकारी कुंदन राम आर्य ने स्वीकार किया कि अभी तक मात्र 60 प्रतिशत पेंशन लाभार्थियों का ही सत्यापन हो पाया है। उन्होंने संभावना व्यक्त की कि अंतिम तिथि में बढ़ोतरी की जाएगी तथा शीघ्र शत-प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।