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हेंवल घाटी के गांवों की सुरक्षा भगवान भरोसे
Updated Sun, 01 Jul 2018 01:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
इस साल बरसात में अगर हेंवल नदी में वर्ष-2014 की तरह बाढ़ आई तो यमकेश्वर की हेंवल घाटी के कई गांव तबाह हो जाएंगे। वजह है 2014 में क्षेत्र में आई आपदा के बाद से अब तक सिंचाई महकमा इन गांवों की सुरक्षा के लिए तटबंध निर्माण नहीं कर पाया है। इसके चलते कई गांव खतरे की जद में हैं।
गौरतलब है कि आपदा में हेंवल का जलस्तर ऊफान पर आने से बाढ़ ने महादेवसैंण, घट्टूगाड़, पसतोड़ा, मोहनचट्टी, बैरागढ़, रत्तपानी, फूलचट्टी आदि क्षेत्रों में कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे और कई किसानों की कृषि भूमि बह गई थी। इसके बाद से क्षेत्र के ग्रामीण पौड़ी जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से उक्त गांवों की सुरक्षा के लिए तटबंध निर्माण की मांग उठाते आ रहे हैं। इसके बावजूद अभीतक इन गांवों की सुरक्षा के लिए चार साल बाद भी सुरक्षा तटबंध का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके चलते लोग आने वाली बरसात में बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, बैरागढ़ के विनोद जुगलाण, सिंदूड़ी के प्रधान अरुण जुगलाण, महादेवसैंण निवासी जगमोहन सिंह बिष्ट, घट्टूगाड़ के रविंद्र सिंह, कलम सिंह, पसतोड़ा के बीरबल सिंह, राजेंद्र सिंह, फूलचट्टी के मनोज सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि वह लगातार जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग से हेंवल घाटी के गांवों की सुरक्षा के लिए स्थायी तटबंध निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार महकमे कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जल्द ही हेंवल घाटी का जायजा लेकर बाढ़ सुरक्षा इंतजाम के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने पर सुरक्षा तटबंधों का निर्माण किया जाएगा।
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-सुधीर मोहन, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड लैंसडौंन दुगड्डा
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इस साल बरसात में अगर हेंवल नदी में वर्ष-2014 की तरह बाढ़ आई तो यमकेश्वर की हेंवल घाटी के कई गांव तबाह हो जाएंगे। वजह है 2014 में क्षेत्र में आई आपदा के बाद से अब तक सिंचाई महकमा इन गांवों की सुरक्षा के लिए तटबंध निर्माण नहीं कर पाया है। इसके चलते कई गांव खतरे की जद में हैं।
गौरतलब है कि आपदा में हेंवल का जलस्तर ऊफान पर आने से बाढ़ ने महादेवसैंण, घट्टूगाड़, पसतोड़ा, मोहनचट्टी, बैरागढ़, रत्तपानी, फूलचट्टी आदि क्षेत्रों में कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे और कई किसानों की कृषि भूमि बह गई थी। इसके बाद से क्षेत्र के ग्रामीण पौड़ी जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से उक्त गांवों की सुरक्षा के लिए तटबंध निर्माण की मांग उठाते आ रहे हैं। इसके बावजूद अभीतक इन गांवों की सुरक्षा के लिए चार साल बाद भी सुरक्षा तटबंध का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके चलते लोग आने वाली बरसात में बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, बैरागढ़ के विनोद जुगलाण, सिंदूड़ी के प्रधान अरुण जुगलाण, महादेवसैंण निवासी जगमोहन सिंह बिष्ट, घट्टूगाड़ के रविंद्र सिंह, कलम सिंह, पसतोड़ा के बीरबल सिंह, राजेंद्र सिंह, फूलचट्टी के मनोज सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि वह लगातार जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग से हेंवल घाटी के गांवों की सुरक्षा के लिए स्थायी तटबंध निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार महकमे कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जल्द ही हेंवल घाटी का जायजा लेकर बाढ़ सुरक्षा इंतजाम के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने पर सुरक्षा तटबंधों का निर्माण किया जाएगा।
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-सुधीर मोहन, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड लैंसडौंन दुगड्डा