{"_id":"5b3513a14f1c1b614d8b8aed","slug":"153020508915-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विभागीय भर्ती के उप निरीक्षकों का दीक्षांत समारोह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विभागीय भर्ती के उप निरीक्षकों का दीक्षांत समारोह
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रीनगर। एसएसबी सीटीसी (सशस्त्र सीमा बल केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र) के 100 नवांगुतक उप निरीक्षक (विभागीय भर्ती) ने अधीनस्थ अधिकारी के रूप में देश सेवा की शपथ ली। नवांगतुक अधिकारियों ने दीक्षांत परेड (पीओपी) के बाद सीटीसी का आखिरी कदम पार कर प्रशिक्षण पूर्ण किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि एसएसबी के अपर महानिदेशक (एडीजी) ज्योतिर्मेय चक्रवर्ती ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया।
बृहस्पतिवार को सीटीसी के परेड ग्राउंड में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। बारिश के कारण कार्यक्रम एक घंटे विलंब से शुरू हुआ। एसएसबी के एडीजी चक्रवर्ती ने पीओपी (पासिंग आउट परेड) की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने सीटीसी के उप महानिरीक्षक उपेंद्र बलोदी के साथ परेड का निरीक्षण किया। परेड कमांडर प्रशिक्षु अधिकारी अर्जुन के नेतृत्व में प्रशिक्षुओं ने मार्च पास्ट किया। इसके बाद एडीजी चक्रवर्ती ने प्रशिक्षुओं को अवार्ड वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होेंने कहा कि नवांगतुक अधिकारी सीमाओं की सुरक्षा जोश के साथ करेंगे। उन्हें विश्वास है कि अधिकारी सेवा, सुरक्षा व बंधुत्व के मूल मंत्र को याद रखेेंगे। कहा, मित्र राष्ट्रों का सीमा प्रबंधन अन्य सीमाओं की तुलना में जटिल होता है। यहां ताकत से कम दिमाग से ज्यादा काम होता है। इसलिए बल की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। सीटीसी के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) उपेंद्र बलोदी ने बताया कि बल में कार्यरत 100 जवान विभागीय भर्ती के माध्यम से उप निरीक्षक बने। इन्हें 24 हफ्तों का कठिन प्रशिक्षण दिया गया है। 1 जून 2017 को सीटीसी श्रीनगर की स्थापना के बाद से अब तक 17 कोर्सेज संपन्न हो चुके हैं। सीटीसी सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर एडीजी चक्रवर्ती ने एसएसबी सीटीसी प्रशिक्षुओं की पुस्तिका देवभूमि का विमोचन किया। इसके बाद उन्हें सीटीसी की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की बाढ़ के दौरान डूब चुके सीसी पाठक हॉस्टल को रहने लायक बना दिया गया है। सीटीसी बनने के बाद प्रशिक्षुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस मौके पर एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी, एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी, कमांडेंट (प्रशिक्षण) एनएस रौतेला, कमांडेंट (चिकित्सा) डॉ. विनय अग्रवाल व डॉ. ममता अग्रवाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
सिविल विंग में हो रहे प्रमोशन: एडीजी
श्रीनगर। एसएसबी के अपर महानिदेशक ज्योतिर्मेय चक्रवर्ती ने कहा कि बल की सिविल विंग (नॉन कांबेट कैडर) में प्रमोशन हो रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से प्रमोशन नहीं हो पाए थे, इसकी समीक्षा हो चुकी है। वहीं, सिविल विंग के अधिकारी/कर्मचारियों को आईबी में शिफ्ट करने के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने वर्ष 2013 की आपदा में तबाह हुए एसएसबी परिसर के पुनर्निर्माण के सवाल पर कहा कि नए भवनों का निर्माण होगा। इसके लिए प्रपोजल भेजे गए हैं।
अवार्ड प्राप्त करने वाले उप निरीक्षक
ओवर ऑल बेस्ट ट्रेनी उमेश प्रसाद
बेस्ट इन आउटडोर अर्जुन बागी
बेस्ट इन इनडोर संजय ङ्क्षसह
बेस्ट इन ड्रिल एंड टर्नआउट अर्जुन ङ्क्षसह
बेस्ट इन एंड्योरेंस राजकुमार
बेस्ट फायरर जितेंद्र कुमार
बृहस्पतिवार को सीटीसी के परेड ग्राउंड में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। बारिश के कारण कार्यक्रम एक घंटे विलंब से शुरू हुआ। एसएसबी के एडीजी चक्रवर्ती ने पीओपी (पासिंग आउट परेड) की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने सीटीसी के उप महानिरीक्षक उपेंद्र बलोदी के साथ परेड का निरीक्षण किया। परेड कमांडर प्रशिक्षु अधिकारी अर्जुन के नेतृत्व में प्रशिक्षुओं ने मार्च पास्ट किया। इसके बाद एडीजी चक्रवर्ती ने प्रशिक्षुओं को अवार्ड वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होेंने कहा कि नवांगतुक अधिकारी सीमाओं की सुरक्षा जोश के साथ करेंगे। उन्हें विश्वास है कि अधिकारी सेवा, सुरक्षा व बंधुत्व के मूल मंत्र को याद रखेेंगे। कहा, मित्र राष्ट्रों का सीमा प्रबंधन अन्य सीमाओं की तुलना में जटिल होता है। यहां ताकत से कम दिमाग से ज्यादा काम होता है। इसलिए बल की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। सीटीसी के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) उपेंद्र बलोदी ने बताया कि बल में कार्यरत 100 जवान विभागीय भर्ती के माध्यम से उप निरीक्षक बने। इन्हें 24 हफ्तों का कठिन प्रशिक्षण दिया गया है। 1 जून 2017 को सीटीसी श्रीनगर की स्थापना के बाद से अब तक 17 कोर्सेज संपन्न हो चुके हैं। सीटीसी सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर एडीजी चक्रवर्ती ने एसएसबी सीटीसी प्रशिक्षुओं की पुस्तिका देवभूमि का विमोचन किया। इसके बाद उन्हें सीटीसी की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की बाढ़ के दौरान डूब चुके सीसी पाठक हॉस्टल को रहने लायक बना दिया गया है। सीटीसी बनने के बाद प्रशिक्षुओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस मौके पर एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी, एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी, कमांडेंट (प्रशिक्षण) एनएस रौतेला, कमांडेंट (चिकित्सा) डॉ. विनय अग्रवाल व डॉ. ममता अग्रवाल आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
सिविल विंग में हो रहे प्रमोशन: एडीजी
श्रीनगर। एसएसबी के अपर महानिदेशक ज्योतिर्मेय चक्रवर्ती ने कहा कि बल की सिविल विंग (नॉन कांबेट कैडर) में प्रमोशन हो रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से प्रमोशन नहीं हो पाए थे, इसकी समीक्षा हो चुकी है। वहीं, सिविल विंग के अधिकारी/कर्मचारियों को आईबी में शिफ्ट करने के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने वर्ष 2013 की आपदा में तबाह हुए एसएसबी परिसर के पुनर्निर्माण के सवाल पर कहा कि नए भवनों का निर्माण होगा। इसके लिए प्रपोजल भेजे गए हैं।
अवार्ड प्राप्त करने वाले उप निरीक्षक
ओवर ऑल बेस्ट ट्रेनी उमेश प्रसाद
बेस्ट इन आउटडोर अर्जुन बागी
बेस्ट इन इनडोर संजय ङ्क्षसह
बेस्ट इन ड्रिल एंड टर्नआउट अर्जुन ङ्क्षसह
बेस्ट इन एंड्योरेंस राजकुमार
बेस्ट फायरर जितेंद्र कुमार